जौनपुर में बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन शासन के निर्देशों के तहत हुआ, जिसमें जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने लखनऊ के लोकभवन सभागार से प्रसारित संविधान दिवस के मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। इस प्रसारण में मुख्यमंत्री का उद्बोधन शामिल था और संविधान दिवस पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद, सभी ने मिलकर संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 1949 को ही भारत का संविधान अंगीकृत और आत्मार्पित किया गया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का भी वर्णन है। डॉ. दिनेश चंद्र ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संदेश को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान का मसौदा तैयार करते समय देश की अखंडता, संस्कृति और एकता को बनाए रखने पर जोर दिया था। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से संविधान के प्रति सच्ची आस्था रखने और समाज में समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।
जौनपुर में संविधान दिवस समारोह आयोजित:अधिकारियों ने बाबा साहेब को नमन कर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी
📅 Published: November 26, 2025 |
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