फतेहपुर| फतेहपुर के सीमावर्ती क्षेत्र मसलिया के कुरुवा गांव में चार दिवसीय डाली पर्व की धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच शुरुआत हुई। रविवार की शाम श्रद्धालुओं ने कुरुवा ग्राम स्थित जोरिया पहुंचकर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य समर्पित किया। अर्घ्य देने के साथ ही पूरे जोरिया परिसर में भक्तिमय माहौल व्याप्त हो गया। महिलाओं ने मिट्टी के डाले में दीप जलाकर सूर्य देव की आराधना की, वहीं पुरुष श्रद्धालु भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए।ग्रामीणों ने बताया कि डाली पर्व सूर्योपासना का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस दौरान श्रद्धालु उपवास रखकर परिवार और गांव की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही चार दिवसीय पर्व का विधिवत समापन किया जाएगा। जोरिया स्थल पर पहले अर्घ्य के दौरान श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी रही। पूजा स्थल पर साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय युवाओं ने संभाली।
डाली पर्व में श्रद्धालुओं ने दिया पहला अर्घ्य
📅 Published: November 24, 2025 |
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