जालौन में एक होम्योपैथिक डॉक्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में डॉक्टर की मां ने अपनी बहू, एक अन्य डॉक्टर सहित पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया है। मृतक डॉक्टर की पहचान सचेन्द्र आर्या (42) के रूप में हुई है, जो रामपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होम्योपैथिक डॉक्टर के पद पर कार्यरत थे। उनकी मां सरोज ने उरई कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। सरोज के अनुसार, उनके बेटे ने 29-30 सितंबर की रात पटेल नगर, उरई स्थित अपने नए घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां ने कहा-बेटे की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं मां सरोज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्रवधू रीना कनौजिया बेटे को प्रताड़ित करती थी। सरोज के मुताबिक, रीना लंबे समय से डॉ. अखिलेश के साथ फोन और चैट पर संपर्क में थी। जब सचेन्द्र ने इस पर आपत्ति जताई, तो रीना झगड़ा करने लगी और उन्हें उत्पीड़न व जान से जान से मारने की धमकी देती थी। सरोज ने पुलिस को बताया कि 29 सितंबर को रीना ने घर में हुई कहासुनी के दौरान सास और पति को मारने की बात लाइव वीडियो कॉल पर अपने मायके वालों को दिखाई थी। इसके बाद सचेन्द्र ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। परिजनों और 112 पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक वह फांसी के फंदे पर मृत पाए गए। आरोपियों को सजा हो सचेंद्र की मां ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य, जिनमें दो डायरी और दोनों मोबाइल फोन शामिल हैं, रीना के कहने पर डॉ. अखिलेश ने हटा दिए और बाद में उन्हें रीना के मायके ग्वालियर भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर सचेंद्र आर्या की पत्नी रीना कनौजिया (निवासी मोहल्ला नया पटेलनगर, उरई), डॉ. अखिलेश (निवासी मोहल्ला बघौरा, उरई), धेनुप्रिया उर्फ पूजा, शिवकुमार कनौजिया और साधना (निवासीगण घोसीपुरा, ग्वालियर, मध्य प्रदेश) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डॉक्टर पति ने सुसाइड किया, पत्नी पर केस दर्ज:जालौन में मां ने डॉक्टर सहित 5 पर उकसाने का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी
📅 Published: November 23, 2025 |
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