तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान पर कार्यशाला आयोजित:बहराइच में सीएमओ कार्यालय सभागार में हुई चर्चा

📅 Published: December 3, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

बहराइच में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के सफल संचालन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सीएमओ कार्यालय सभागार में हुई। कार्यक्रम में स्टेट नोडल अधिकारी डॉ० मुकेश मातनहेलिया मुख्य अतिथि रहे, जबकि यूपीवीएचए के कार्यकारी निदेशक विवेक अवस्थी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सीएमओ डॉ० संजय कुमार ने कार्यशाला की अध्यक्षता की। इस अवसर पर आरबीएसके के चिकित्साधिकारी, तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, एनपी-एनसीडी टीम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे। सीएमओ डॉ० संजय कुमार ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के स्कूलों को तम्बाकू मुक्त बनाना और नई पीढ़ी को तम्बाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जानकारी दी कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने के लिए ‘टॉफी’ (तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान) गाइडलाइन जारी की है। स्टेट नोडल अधिकारी डॉ० मुकेश मातनहेलिया ने तम्बाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तम्बाकू न केवल उपभोक्ता को, बल्कि आसपास के लोगों को भी ‘सेकेंड हैंड स्मोक’ के माध्यम से नुकसान पहुंचाता है। डॉ. मातनहेलिया ने गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट और खैनी जैसे उत्पादों को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक बताते हुए युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। यूपीवीएचए के कार्यकारी निदेशक विवेक अवस्थी ने तम्बाकू नियंत्रण से जुड़े भारत सरकार के नियमों और दंड प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुकानों में लड़ी लगाकर तम्बाकू बेचना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए आर्थिक दंड का प्रावधान है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्रों को दर्शाने वाले संकेतक बोर्ड लगाना भी अनिवार्य है। अवस्थी ने कोटपा अधिनियम का हवाला देते हुए बताया कि इसकी धारा 4 के तहत होटल, रेस्तरां, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और शिक्षण संस्थानों में धूम्रपान प्रतिबंधित है। वहीं, धारा 6 के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को तम्बाकू उत्पाद बेचना और शिक्षण संस्थानों से 100 गज की सीमा में इनकी बिक्री करना भी अपराध है।

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