ताजिकिस्तान में 3 चीनी इंजीनियरों को किसने मारा:सोने की खदान में काम कर रहे थे, ड्रोन अटैक में मौत, तालिबान बोला- हमारा हाथ नहीं

📅 Published: November 29, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

ताजिकिस्तान के खतलोन प्रांत में एक सोने की खदान पर 26 नवंबर को एक ड्रोन हमले में 3 चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। ताजिकिस्तान का दावा था कि ड्रोन अफगानिस्तान से उड़ कर आया था। ताजिकिस्तान ने कहा कि इस हमले में अफगानिस्तान के क्रिमिनल गुट शामिल हैं। उन्होंने तालिबान सरकार से कहा था कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई करें। हालांकि अब तालिबान ने खुद को इससे अलग बताया है। तालिबान ने कहा कि ये हमला ऐसे गुट ने किया है जो लंबे समय से पाकिस्तान में अराजकता फैलाना चाहती है। तालिबान के इस दावे के बाद अब तक साफ नहीं है कि चीनी इंजीनियरों की मौत के पीछे किसका हाथ है। इंजीनियरों पर हमले से चीन नाराज ताजिकिस्तान में कई चीनी कंपनियां काम करती हैं, खासकर खनन (माइनिंग) और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े क्षेत्रों में और इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट बॉर्डर इलाके में हैं। ताजिकिस्तान के लिए चीनी निवेश आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। चीन के निवेश से न केवल खनन बल्कि बिजली, भवन, बुनियादी ढांचा भी बन रहा है। चीनी इंजीनियरों पर हमले से चीन नाराज हो गया है। चीन ने इस घटना की निंदा करने के अलावा अपने नागरिकों और कंपनियों को बॉर्डर इलाका छोड़ने की चेतावनी दी है। पहले भी चीनी इंजीनियरों पर हमले हुए ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान की पहाड़ी सीमा करीब 1,350 किलोमीटर लंबी है। पिछले साल भी अफगान सीमा के पास हुए एक हमले में एक चीनी कामगार की मौत हो गई थी। ताजिकिस्तान बार-बार यह शिकायत करता रहा है कि अफगानिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ होती है और अफगानिस्तान में मौजूद समूह मध्य एशिया में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं। पाकिस्तान ने तालिबान सरकार पर आरोप लगाया पाकिस्तान ने भी इस मौके का फायदा उठाया और तालिबान सरकार पर आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पाकिस्तान ने कहा कि यह हमला इस बात का सबूत है कि अफगानिस्तान से होने वाला आतंकवाद का खतरा कितना बढ़ चुका है। पाकिस्तान ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन को आतंकवाद के लिए लॉन्च पैड नहीं बनने देने की जरूरत है। पाकिस्तान को जिम्मेदार बताता है तालिबान तालिबान और पाकिस्तान के बीच पहले से तनाव है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान ने ISKP जैसे आतंकियों को पनाह दी है और उन्हें ट्रेनिंग कैंप चलाने की सुविधा दी है। तालिबान सरकार लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगाती रही है कि वह अमेरिका को ड्रोन हमलों के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराता है और इस्लामिक स्टेट (ISKP) के आतंकियों को पनाह देता है। अफगानिस्तान ने हमले की निंदा की हमले के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने चीन और ताजिकिस्तान को शोक संदेश भेजा और हमले की निंदा की। मंत्रालय के प्रवक्ता हाफिज जिया अहमद ने कहा कि अफगानिस्तान मामले में पूरा सहयोग देगा। जैसे जानकारी साझा करना, तकनीकी मदद देना और मिलकर जांच करना, ताकि हमले की वजहों का पता लगाया जा सके। ————————- ये खबर भी पढ़ें.. लंदन में भारत-पाकिस्तान की डिबेट कैंसिल: PAK ने भारत पर पीछे हटने का आरोप लगाया, भारतीय वक्ता बोले- इल्जाम झूठा, ईमेल-कॉल रिकॉर्ड दिखाए ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान के बीच 27 नवंबर को होने वाली डिबेट कैंसिल हो गई। पाकिस्तान और भारत के वक्ताओं को इस डिबेट में हिस्सा लेना था। पूरी खबर पढ़ें…

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *