बांदा में दहेज हत्या के एक मामले में पति और सास को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। बांदा सत्र न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है। दोनों दोषियों पर 3-3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह निर्णय पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत आया है। यह मामला बबेरू थाना क्षेत्र का है। बिसंडा के ग्राम पारा निवासी ओमप्रकाश ने 29 जुलाई 2020 को बबेरू थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी की शादी 1 मई 2018 को बबेरू के ग्राम उमरी निवासी अंकित उर्फ पप्पू से हुई थी। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने 12 जुलाई 2020 को उनकी बेटी की फांसी लगाकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में बबेरू थाने में मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बबेरू, आनंद कुमार पाण्डेय ने मामले की विवेचना की। प्रभावी जांच के बाद, विवेचक ने 18 अक्टूबर 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह और उमाशंकर पाल ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी भानुप्रताप और पैरोकार आरक्षी चक्रधारी के अथक प्रयासों से आरोपी पति अंकित उर्फ पप्पू और सास रेनू देवी को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने अभियुक्तों अंकित उर्फ पप्पू (पुत्र राकेश पाण्डेय, निवासी उमरी, थाना बबेरू, जनपद बांदा) और रेनू देवी (पत्नी राकेश पाण्डेय, निवासी उमरी, थाना बबेरू, जनपद बांदा) को 10-10 वर्ष के कारावास और 3-3 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
दहेज हत्या मामले में पति-सास को 10 साल की साज:बांदा कोर्ट ने 3-3 हजार का लगाया जुर्माना, 5 साल बाद आया फैसला
📅 Published: November 26, 2025 |
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