गाजियाबाद के लोनी की अमन गार्डन फेज-2 कॉलोनी में बने दो मंजिला मकान का गेट अब कम ही खुलता है। ये घर कमरुद्दीन का है। वही कमरुद्दीन जिस पर जहरीले लड्डू खिलाकर दिल्ली में तीन लोगों को मारने का आरोप है। पड़ोसी बताते हैं कि कमरुद्दीन तंत्र-मंत्र से पैसे डबल करने और कैंसर समेत हर मर्ज का इलाज करने का दावा करता था। आसपास के लोग उसके घर इलाज के लिए जाते भी थे। कमरुद्दीन इलाज के बहाने लोगों से लाखों रुपए ठग चुका था। इलाज और पूजा के लिए उनसे लड्डू, अंडे और गोश्त मंगाता था। उसके घर बाहर से गाड़ियां आती थीं। 8 फरवरी को 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश और 40 साल की लक्ष्मी 2 लाख रुपए लेकर कमरुद्दीन के पास पहुंचे थे। कमरुद्दीन ने कहा था कि 2 लाख रुपए के 3 करोड़ रुपए बना देगा। फिर तीनों की डेडबॉडी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक कार में मिली। दिल्ली पुलिस 72 साल के कमरुद्दीन और उसके दो बेटों से पूछताछ कर रही है। पता चला है कि कमरुद्दीन पहले भी इस तरह के मामलों में जेल जा चुका है। कमरुद्दीन का अतीत पता करने हम उसके घर पहुंचे। उसके पड़ोसियों से मिले। एक विक्टिम रणधीर की फैमिली से बात की और अफसरों से अब तक हुई जांच के बारे में पूछा। शुरुआत कमरुद्दीन के घर से
कमरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसके 5 बेटे और 2 बेटियां हैं। तीन बेटे फिरोजाबाद में रहते हैं। कमरुद्दीन वहां भी तंत्र-मंत्र का काम करता था। इसलिए उसका फिरोजाबाद आना-जाना लगा रहता था। दिल्ली पुलिस ने ट्रिपल मर्डर की जांच शुरू की, तो इसका एक सिरा स्पॉट से करीब 30 किमी दूर गाजियाबाद के लोनी में मिला। कमरुद्दीन यहां की अमन गार्डन फेज-2 कॉलोनी में परिवार के साथ रहता है। कॉलोनी में ज्यादातर लोग 7-8 साल पहले ही बसे हैं। सड़कें कच्ची हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि कमरुद्दीन के घर बाहर से भी लोग आते थे। घर के सामने अक्सर कारें खड़ी रहती थीं। उसके पिछले कांड के बारे में किसी को नहीं पता। लोनी में जिस जगह कमरुद्दीन का घर है, वहीं उसके बेटों की किराने की दुकान और एक होटल है। घर से सटे एक छोटे से हिस्से में मजार बनी है। यहां रहने वालीं नजराना कमरुद्दीन का नाम सुनते ही भड़क जाती हैं। नजराना 8 साल से इसी इलाके में रह रही हैं। वे भी कमरुद्दीन की जालसाजी का शिकार हुई हैं। नजराना बताती हैं कि एक पहचान वाले ने मुझे कमरुद्दीन के बारे में बताया था। ये काम (ट्रिपल मर्डर) करने से दो दिन पहले ही कमरुद्दीन मेरे घर आया था। मैं उससे बेटे का इलाज करा रही थी। कमरुद्दीन ने कभी 20 हजार, कभी 50 हजार कर-करके मुझसे 2.75 लाख रुपए ले लिए। मैं पैसे वापस मांग रही थी। वो यही बोलने आया था कि जल्द पैसे लौटा देगा। नजराना आगे कहती हैं, ‘मैं कमरुद्दीन को ढाई-तीन साल से जानती हूं। मेरे बेटे के दिल में छेद है। किसी ने मुझे बताया था कि कमरुद्दीन अच्छा इलाज कर देता है। मैं बेटे को उसके पास ले गई। बेटे को फायदा नहीं हुआ, तो मैंने कमरुद्दीन से पैसे वापस मांगे। उसने कहा था कि तुम 9 या 10 तारीख (फरवरी) को पैसे लेने आ जाना। मैं उसके घर गई, तो देखा वहां पुलिसवाले खड़े हैं। लोगों ने बताया कि कमरुद्दीन ने तीन मर्डर किए है। मेरे तो पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।’ बेटे के इलाज और कमरुद्दीन की जालसाजी के बारे में नजराना बताती हैं, ‘शुरू में उसने मुझसे 1100 रुपए मजार पर डलवाए थे। फिर काला मुर्गा लाने के लिए कहा। उसने कहा था कि तुम्हारे ऊपर कुछ जादू हुआ है, मैं उतार दूंगा। मैं पैसे देती रही।’ ‘उसके पास एक चाकू रहता था। उसे वो पैर के तलवे में फंसा देता था और फिर मंत्र पढ़ता था। फिर सिर पकड़कर बैठा देता था। अगरबत्ती जलाकर देता और उसमें फूंक मारता रहता। कभी लड्डू, कभी अंडे मंगवाता था। मैं उसे अंडे की 50 से ज्यादा ट्रे दे चुकी थी।’ कमरुद्दीन पर भरोसा कब उठा? नजराना कहती हैं, ‘मेरे बेटे का हॉस्पिटल में भी इलाज चल रहा था। एक बार उसके ऑपरेशन पर एक लाख रुपए खर्च हो गए। कमरुद्दीन ने कहा कि हॉस्पिटल में पैसे खर्च मत करो, मुझे दे दो। मैं कैंसर का भी इलाज कर देता हूं।’ ‘कमरुद्दीन से परेशान होकर घर छोड़ा’
ऐसा ही अनुभव साजिदा का भी है। उनकी बेटी बीमार रहती है। लोगों के बताने पर वे बेटी को कमरुद्दीन के पास ले गईं। साजिदा बताती हैं, ‘कमरुद्दीन ने मुझसे लड्डू और अंडे मंगवाए। एक बार कहा कि ढाई किलो गोश्त लेकर आओ। उसके पास जाते-जाते एक साल हो गया, लेकिन बेटी को आराम नहीं मिला। वो बिना पैसे के काम नहीं करता था। हमेशा एक-दो हजार मांग लेता था। मेरी बेटी बता रही थी कि कमरुद्दीन ने उसे भी लड्डू खिलाया था।’ इसी इलाके के रहने वाले अब्दुल कहते हैं, ‘कमरुद्दीन की वजह से लोग परेशान होने लगे थे। वो जादू-टोना करता था। परेशान होकर हम खुद इस जगह को छोड़कर चले गए।’ आसपास के लोग बताते हैं कि उसने कुछ साल में आसपास बहुत प्रॉपर्टी खरीदी है। उसकी एक जमीन पर मस्जिद भी बनी है। मस्जिद में अब ताला लगा है। दिल्ली पुलिस कमरुद्दीन की प्रॉपर्टी की जांच भी कर रही है। तीनों विक्टिम घर पर बताए बिना कमरुद्दीन के पास गए
रणधीर, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी करीब एक साल से कमरुद्दीन के संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन ने इन तीनों को भरोसे में लिया था कि वो तंत्र-मंत्र विद्या से उनके लिए धनवर्षा करवाएगा। 8 फरवरी को उसने तीनों को 2 लाख रुपए लेकर बुलाया। उसने झांसा दिया कि वो दो लाख रुपए से तीन करोड़ रुपए बना देगा। आरोप है कि कमरुद्दीन ने तीनों को जहर मिले लड्डू खिला दिए। इससे तीनों की मौत हो गई। हम रणधीर के घर नजफगढ़ के बापरोला गांव पहुंचे। यहां उनके चचेरे भाई सरवर मिले। सरवर बताते हैं, ‘रणधीर खेती और प्रॉपर्टी का काम करते थे। वे 8 फरवरी को सुबह 9:30 बजे घर से निकले थे। उन्होंने कभी बताया नहीं कि वे किसी कमरुद्दीन को जानते हैं। हमें अब पता चला कि नरेश तो पहले से वहां जाता था। उसी के जरिए वे कमरुद्दीन से मिले।’ रणधीर के भतीजे हरीश बताते हैं कि ताऊ बहुत ज्यादा रिजर्व रहते थे। वे सब कुछ बहुत निजी रखते थे। किससे मिलने जा रहे हैं, परिवार में किसी को कुछ नहीं पता था। नरेश हमारे यहां आता-जाता था। वे किसी अंधविश्वास में शामिल थे या नहीं, ये अभी नहीं कह सकते। शिव नरेश भी प्रॉपर्टी डीलर थे। उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले थे, लेकिन अभी दिल्ली के नांगली डेयरी इलाके में अकेले रहते थे। शिवनरेश और लक्ष्मी के परिवार से संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस को पता चला कि सलीम नाम के एक शख्स के जरिए पहले लक्ष्मी कमरुद्दीन से मिली थी। फिर लक्ष्मी के जरिए शिव नरेश और रणधीर उसके संपर्क में आए। पुलिस सलीम से भी पूछताछ कर रही है। सभी एक-दूसरे से सुनकर ही कमरुद्दीन से मिले थे। आउटर दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा बताते हैं, ‘लक्ष्मी के पति बीमार रहते थे। वो एक दिन कमरुद्दीन के पास गई। कमरुद्दीन ने उसे जादू बताकर शॉल से पैसे निकालकर दिखाए। उसे बताया गया कि वो ऐसे ही पैसों की बारिश करवा सकता है।’ दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन ने भूत-प्रेत और जादू-टोने के नाम पर इस तरह का ढोंग 2010 में सीखा था। ऐसे कामों के लिए वो बेसन के लड्डू और अंडे का इस्तेमाल करता था। दिल्ली में जिन तीन लोगों की हत्या हुई, वे तीनों घटना से एक दिन पहले भी कमरुद्दीन के पास लोनी गए थे। उस दिन वे पैसे नहीं ले गए थे। इसलिए कमरुद्दीन ने उन्हें लौटा दिया था। कमरुद्दीन पर पहले से तीन मर्डर के आरोप
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि कमरुद्दीन के खिलाफ पहले से दो केस दर्ज हैं। दोनों मामले हत्या से जुड़े हैं। पहला मामला राजस्थान के धौलपुर जिले का है। फरवरी 2014 में राजा खेड़ा इलाके में अनिता नाम की महिला की लाश मिली थी। पुलिस को पता चला अनिता कुछ महीने पहले कमरुद्दीन के संपर्क में आई थी। अनिता और उसके पति नारायण सिंह को शादी के कई साल के बाद भी बच्चे नहीं हुए थे। अनिता और उसके पति ने कमरुद्दीन से मिलना शुरू किया और उसके जाल में फंसते चले गए। आरोप है कि 26 फरवरी 2014 को पैसे के लालच में कमरुद्दीन ने अनिता की हत्या कर दी। हालांकि कुछ साल जेल में रहने के बाद वो सबूतों के अभाव में रिहा हो गया। इसके बाद ही वो लोनी शिफ्ट हो गया था। इसी तरह मई, 2025 में कमरुद्दीन पर फिरोजाबाद में दो लोगों के मर्डर का आरोप लगा था। उसने रामनाथ और उसके एक रिश्तेदार पूरन को तंत्र-मंत्र के जरिए पैसे दिलाने का झांसा दिया। 8 मई 2025 को दोनों को घर बुलाकर कुछ खिलाया। अगले दिन वहीं दोनों की लाश मिली। FIR के मुताबिक, लाश के पास दो गिलास, लड्डू और नींबू मिले थे। रामनाथ के भाई राम सिंह ने कमरुद्दीन के खिलाफ केस दर्ज करवाया। राम सिंह ने आरोप लगाया कि कमरुद्दीन ने उसके भाई और पूरन से तंत्र-मंत्र के नाम पर बड़ी रकम ली थी। फिरोजाबाद के एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि कमरुद्दीन यहां भी तंत्र-मंत्र का काम करता था। पिछले कुछ साल से वह लोनी में रह रहा था। पकड़े जाने के डर से लोकल लोगों के साथ ऐसे काम कम करता था। फिरोजाबाद में पिछले साल की घटना के कुछ दिन बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। तीन महीने बाद चार्जशीट दाखिल हुई थी, लेकिन सितंबर में उसे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। वहीं, आउटर दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा बताते हैं कि कमरुद्दीन के अलावा उसके परिवार के बाकी सदस्यों की भूमिका भी जांची जा रही है। इसलिए उन्हें भी हिरासत में लिया गया है। किसी भी पीड़ित के परिवार वालों को इस बारे में बहुत कम जानकारी है। अब तक उसने तीन मामलों (ट्रिपल मर्डर सहित) में शामिल होने की बात स्वीकारी है। ऐसे और पीड़ित हो सकते हैं। …………………….. ये खबर भी पढ़ें…
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📅 Published: February 15, 2026 |
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