गोंडा के निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर आज मंगलवार को लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट द्वारा मांगे गए ब्योरे को दाखिल नहीं किया और इसके लिए दो दिन का समय मांगा है। जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस पूरे मामले में दो दिन के भीतर ब्योरा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ब्योरा दाखिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की और 4 दिसंबर तक हर हाल में जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। इससे पहले, 28 नवंबर को सुनवाई के दौरान जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ ने सरकार से पूरे मामले पर ब्योरा तलब किया था। कोर्ट ने पूछा था कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और 2 दिसंबर तक पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। फिलहाल, अतुल कुमार तिवारी को आज भी लखनऊ हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अतुल तिवारी ने अपनी याचिका में कोर्ट से मांग की है कि उनके निलंबन आदेश को रद्द कर उन्हें पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल किया जाए। दरअसल, शिकायतकर्ता मनोज कुमार पांडे ने आरोप लगाया था कि स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के टेंडर प्रक्रिया में अतुल कुमार तिवारी ने उनसे 22 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। रिश्वत लेने के बावजूद उन्हें काम नहीं दिया गया और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। मनोज पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि तिवारी ने उन पर गलत आरोप लगाकर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में अतुल कुमार तिवारी समेत तीन लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। इसी मामले में शासन ने उन्हें 11 नवंबर को निलंबित किया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।
निलंबित BSA याचिका, सरकार ने कोर्ट में नहीं दिया ब्योरा:2 दिन का समय मांगा, 4 दिसंबर को होगी सुनवाई, कोर्ट से सस्पेंशन रद्द करने की मांग
📅 Published: December 2, 2025 |
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