नेपाल ने भारत के साथ पहले से चल रहे सीमा विवाद को और बढ़ा दिया है। उसने अपने नए 100-रुपए के नोट पर जो नक्शा छापा है, उसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है, जबकि ये तीनों इलाके भारत की सीमा के भीतर आते हैं। भारत ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और इसे एकतरफा कार्रवाई बताया, जिसमें ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा- ऐसे दावों सच्चाई नहीं बदलती है। नेपाल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे। दावे द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करते हैं।
5 साल पहले ओली सरकार ने विवादित नक्शा जारी किया था नेपाल ने 2020 में पहली बार यह संशोधित नक्शा जारी किया था, जिसे बाद में संसद ने मंजूरी दी थी। उस समय भी भारत ने नेपाल के इस कदम का विरोध किया था और इसे एकतरफा फैसला बताया था। भारत ने कहा था कि इस तरह नक्शा बदलकर क्षेत्र बढ़ाने की कोशिश मान्य नहीं होगी। भारत ने उस समय भी कहा था कि यह एक तरफा और मनगढंत दावा है, जिससे जमीनी हकीकत नहीं बदलती। भारत ने साफ कहा था कि ये तीनों क्षेत्र उसके ही हैं और नेपाल के विस्तारवाद को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नेपाल ने भारत के 3 इलाकों को अपना बताया:100 रुपए के नोट पर विवादित मैप छापा; भारत बोला- ऐसे दावों से सच्चाई नहीं बदलती
📅 Published: November 28, 2025 |
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