जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल के दो वीडियो गुरुवार को रुपए लेते हुए वायरल हुए।पहले वायरल वीडियो में वह स्वयं नोट लेते दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में वह मेज पर बैठे हैं। वहीं पर एक युवक कागजों में नोट को लपेट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जांच बैठा दी गई है। हालांकि, पैसा देने वाले युवक ने एक वीडियो जारी करके पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से 25 हजार रुपए उधार लेने की बात कही है। वहीं, मामले में वायरल वीडियो पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। शिक्षण संस्थानों व लाभ दिलाने के नाम पर वसूली जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वायरल वीडियो उनके कार्यालय का है। बताया जा रहा है कि यह रुपया शिक्षण संस्थानों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लिया जा रहा था।जिसका वीडियो रुपए देने वाले ने वायरल किया है। नोटों को रखते कैमरे में कैद पहले वायरल वीडियो में बीरपाल कुर्सी पर बैठे हुए हैं। वह मोबाइल पर कुछ काम कर रहे हैं। इसी बीच धारीदार चेक की शर्ट पहने हुए एक बुजुर्ग आता है और उनको कुछ नोट देता है। नोटों को लेकर वह रख लेते हैं। अधिकारी के सामने कागज में लपेटे गए नोट वहीं, दूसरे वीडियो में वह कार्यालय में बैठकर रजिस्टर में कुछ काम कर रहे हैं। इसी बीच एक व्यक्ति आकर मेज पर कागज में कुछ नोटों को लपेटता है। तभी आवाज आती है कि यहां कैमरे है। व्यक्ति नोटों को कागज में लपेटकर देता है। अधिकारी बोले जो बोला है वह कराओ लिपटे नोटों को देखकर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पूछते हैं कि कितने है। वह बोलता है कि 20 हैं। इस पर वह कहते हैं कि जो कहा है वह करो। इस पर व्यक्ति कहता है कि सर पांच हम फिर करा देंगे। बातचीत के बाद वह कहते हैं कि पूरे कराओ। फिर पैसे देने वाला व्यक्ति कहता है कि हम कल भिजवा देंगे। मास्टर साहब आएंगे। अधिकारी कहते हैं कि बुलाओ तो उत्तम नाम के व्यक्ति को आवाज लगाता हुआ वह बाहर जाता है। एक व्यक्ति के अंदर आने की आहत के बाद आवाज आती है कि यह आएंगे। एक युवक को दिलाए नोट बोले गिनना नहीं इन सब तोड़ के बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को जब लिपटे हुए नोट दिए जाते हैं तो वह कहते हैं इनको दे दो। इसी बीच कैमरे में टीशर्ट पहने और चश्मा लगाए हुए एक युवक कैद होता है जो कि कागज में लिपटे हुए नोटों को ले लेता है। गिनने की बात पर बीरपाल कहते हैं कि गिनना नहीं। सीडीओ बोलीं होगी जांच मामले में सीडीओ दीक्षा जैन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। जांच कराई जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वायरल वीडियो की बातचीत में मकसद साफ मामले रुपए देने वाले मिथलेश कुमार त्रिपाठी ने स्वयं को एक निजी आईटीआई का कर्मचारी बताया है। वीडियो जारी करके पिछ़डा वर्ग कल्याण अधिकारी से 25 हजार रुपए उधार लेने और उसके बाद वापस किए जाने की बात कही है। लेकिन वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान साफ समझा जा सकता है कि रुपया किस मकसद से लिया गया है। व्यक्ति ने सफाई में जो वीडियो वायरल किया है उसमें वह मोबाइल से स्वयं वीडियो बनवाने व उसके बाद मोबाइल खोने की बात भी कह रहा है। हालांकि सफाई देने वाले वीडियो में वह कई बार रुक रहा व घबराया हुआ नजर आ रहा है। वायरल वीडियो से खड़े हुए सवाल – वायरल पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यह क्यों बोले की जो बोला है वह कराओ। – यदि रुपया उधार का है तो उसको कागज में लपेटा क्यों जा रहा था। – दूसरे वीडियों में उधार का रुपया अधिकारी ने स्वयं अपने हाथ में क्यों नहीं लिया। – अधिकारी ने लिपटे हुए नोटों को गिनने से क्यों मना किया। – यदि रुपया उधार का तो वीडियो क्यों बनाया गया। अधिकारी का एक पत्र भी वायरल मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का भी एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें वह लिखते हैं कि 05 नवंबर व 13 नवंबर को स्टांप पेपर रुपए उधार लिए गए थे। पत्र में बनाए गए वीडियो के वायरल होने पर अमान्य माने जाने की बात लिखी गई है। इन्होंने दो युवकों पर वायरल वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करने की बात भी कही है।
नोट लेते पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल:रुपए देना वाला बोला उधार लिए थे, सीडीओ बोले होगी जांच
📅 Published: November 20, 2025 |
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