न्यू ईयर रेजोल्यूशन पर कैसे टिके रहें:छोटा लक्ष्य, छोटा कदम, जानें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हैबिट एक्सपर्ट से

📅 Published: January 3, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

न्यू ईयर रेजोल्यूशन का आज तीसरा दिन है। क्या अभी भी आप अपने रेजोल्यूशन पर टिके हुए हैं? हो सकता है, एकाध हफ्ते और टिके रहें। फिर तो वही होना है, जो प्यू रिसर्च सेंटर की साल 2024 की सर्वे रिपोर्ट कहती है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 80% लोग 12 जनवरी तक अपना न्यू ईयर रेजोल्यूशन भूल जाते हैं। हर 10 में से 4 लोग कोई–न–कोई रेजोल्यूशन लेते हैं, लेकिन सिर्फ 2% ही उस पर टिक पाते हैं। तो क्या किया जाए? रेजोल्यूशन लेना बंद कर दें या उस पर टिके रहने का कोई रामबाण नुस्खा खोजें। रेजोल्यूशन पर टिकने का रामबाण नुस्खा ऐसे ही किसी नुस्खे की तलाश में थे, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बीजे फॉग। यूनिवर्सिटी में उन्होंने एक बिहेवियर डिजाइन लैब बनाया, जिसका मकसद था छात्रों को ये सिखाना कि वो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में नई, अच्छी आदतों को कैसे शामिल करें। शामिल करने के बाद उस पर टिके कैसे रहें। टिके रहने का सवाल सबसे अहम इसलिए था क्योंकि छात्र नई आदतें सीखने–अपनाने का रेजोल्यूशन ले तो लेते थे, 5 दिन, 10 दिन, 18 दिन उसे फॉलो भी कर लेते, लेकिन 21वें दिन तक आते–आते सारे रेजोल्यूशन दम तोड़ देते। डॉ. फॉग को समझ आया कि रेजोल्यूशन लेना काफी नहीं है। उस पर टिकने के लिए सिर्फ सदिच्छा भी काफी नहीं है। वो जानना चाहते थे कि वो कौन सी चीज है, जो हमें सतत उस रास्ते पर चलने का मोटिवेशन देती है। इसी ख्याल के साथ जन्म हुआ इस किताब का। नाम है– “टाइनी हैबिट्स– द स्मॉल चेंजेज दैट चेंज एवरीथिंग।” बड़े बदलाव की शुरुआत छोटे कदम से डॉ. फॉग लिखते हैं कि जीवन में हर बड़े काम की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है। एक 20 साल के लड़के को 20 साल का होने में पूरे 20 साल लग जाते हैं। एक बच्चा पूरे 365 दिन एक ही क्लास में पढ़ता है, तब कहीं जाकर वो क्लास 1 पास करके क्लास 2 में जाता है। बीज को पेड़ बनने में कई साल लगते हैं। जीवन भी कुछ ऐसा ही है। यहां कुछ भी रातोंरात नहीं होता, कुछ भी अचानक नहीं होता, कुछ भी जादू की तरह नहीं होता। ये कोई ऐसी बात नहीं, जो हम जानते न हों। जैसेकि जब आप SIP में पैसा लगातेे हैं तो आप जानते हैं कि हम महीने 2,000 रुपए बचाकर दस साल में आप लाखों का फंड बना लेंगे। थोड़ा–थोड़ा पैसा लगाना है, लेकिन 10 साल तक लगातार बिना गैप के लगाते रहना है। लेकिन जब आदतों की, रेजोल्यूशंस की बात आती है तो हम जीवन की यह एकदम बेसिक फिलॉसफी बिल्कुल भूल जाते हैं। यहां हम किसी जादू की उम्मीद में होते हैं– रातोंरात 10 किलो वजन कम हो जाए। रातोंरात अमीर बन जाएं। अभी कल–के–कल प्रमोशन हो जाए। लेकिन ऐसा होता नहीं है। बात ये है कि– “थोड़ा सा करना है, लेकिन रोज करना है।” यही बात हमारी आदतों, व्यवहार और रेजोल्यूशंस पर भी लागू होती है। छोटा कदम, छोटी शुरुआत, छोटा रेजोल्यूशन। डॉ. फॉग के मुताबिक रेजोल्यूशंस इन कारणों से फेल होते हैं– क्या आप इन रेजोल्यूशंस पर टिक पाएंगे? न्यू ईयर रेजोल्यूशन पर वापस लौटते हैं। तो इस साल का आपका रेजोल्यूशन क्या है। क्या आप उस पर टिक पाएंगे। फर्ज करिए कि आप प्रोफसर फॉग की बिहेवियर डिजाइन लैब के मेंबर होते तो वो आपको अपने रेजोल्यूशन पर टिके रहने के लिए क्या सलाह देते। इस बात को उदाहरण से समझते हैं। यहां हम कुछ संभावित रेजोल्यूशंस का उदाहरण दे रहे हैं– जैसाकि ऊपर लिखे रेजोल्यूशंस से जाहिर है कि यहां अरमान काफी बड़े हैं। अगर आप अपनी गति से चले तो 10 दिन, 20 दिन, 30 दिन इस पर काम करेंगे, लेकिन फिर थककर छोड़ देंगे। लेकिन अगर डॉ. फॉग की मानें तो अगर इन रेजोल्यूशंस को छोटे संकल्प, छोटी आदतों में बदला जाए तो उस पर टिके रहने के चांस बढ़ जाते हैं। जैसेकि– रेजोल्यूशन 1– 2026 में मैं इंग्लिश सीखूंगा। इंग्लिश इम्प्रूव करूंगा। ऑल्टरनेटिव रेजोल्यूशन– मैं रोज अंग्रेजी का एक नया शब्द सीखूंगा। रिजल्ट– रेजोल्यूशन 2– मैं 15 किलो वजन कम करूंगा। ऑल्टरनेटिव रेजोल्यूशन– मैं रोज एक मील में सलाद–सब्जी जरूर खाऊंगा। रिजल्ट– देखिए, हो सकता है कि 15 किलो वजन कम न हो। लेकिन रोज एक छोटा कदम साल भर में कुछ बड़े नतीजे जरूर देगा– रेजोल्यूशन 3– जंक फूड को हाथ नहीं लगाऊंगा। ऑल्टरनेटिव रेजोल्यूशन– जंक फूड सिर्फ संडे को खाऊंगा। रिजल्ट– रेजोल्यूशन 4– मैं रोज 4 किलोमीटर दौडूंगा। ऑल्टरनेटिव रेजोल्यूशन– मैं रोज सुबह जूता पहनकर घर से बाहर निकलूंगा। रिजल्ट– इस पूरी बातचीत का छोटा सा निष्कर्ष ये है कि रोज सिर्फ थोड़ा ही करना है, लेकिन करना जरूर है। हर अगले दिन कल से बेहतर होने की कोशिश करनी है। अपनी आदतों में, रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे–छोटे बदलाव करने हैं। बचपन में वो खरगोश और कछुए वाली कहानी पढ़ी थी न। बस, वही कछुआ होना है। थोड़ा चलना है, धीमे चलना है, लेकिन रोज चलना है। न्यू ईयर रेजोल्यूशंस पर टिके रहने की कोई जादू की छड़ी नहीं है। एक ही तरीका है– थोड़ा चलना है, धीमे चलना है, लेकिन रोज चलना है। आपको नए साल की बहुत सारी शुभकामनाएं। ……………… ये खबर भी पढ़िए इस साल कुल 4 ग्रहण होंगे: भारत में नजर आएगा सिर्फ होली वाला चंद्र ग्रहण; एक साथ 6 ग्रह भी दिखेंगे, तारीख सेव कर लीजिए आज(3 जनवरी) सुपरमून दिखेगा। इसके बाद होली पर (3 मार्च) भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा। इसी तरह साल भर ग्रह-तारों के अद्भुत नजारे, चंद्रग्रहण, उल्कावृष्टि और पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देंगे। जानिए 2026 के खास एस्ट्रोनॉमिकल इवेंट्स…आगे पढ़िए…

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