पंचकूला में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान संजय चौहान और पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल ने किया। शहर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। शहर के सेक्टर-16 चौक पर रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल ने कहा कि सरकार इतिहास नहीं मिटा पाएगी। गरीबों की जीवनरेखा से गांधी को हटाने की साजिश की जा रही है लेकिन सरकार नहीं जानती कि गांधी कागजों में नहीं लोगों के दिलों में बसते हैं। मनरेगा का नाम बदलना गांधी के विचारों का अपमान प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के नाम में बदलाव करना और इस योजना को कमजोर करने के प्रयास महात्मा गांधी के विचारों का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं के लिए जीवन रेखा रही है। इसे कमजोर करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कांग्रेस ऐसे किसी भी फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। 2005 में कांग्रेस ने दी थी रोजगार की गारंटी कांग्रेस नेता रविंद्र रावल ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर सामाजिक और आर्थिक क्रांति की यह योजना 2005 में कांग्रेस सरकार ने सभी पार्टियों के सहयोग से लागू की थी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी, जिससे लाखों परिवारों को फायदा हुआ और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का मौजूदा कदम देश में बेरोजगारी बढ़ाने वाला है।
पंचकूला में सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता:मनरेगा में बदलाव का विरोध, पूर्व चेयरमैन बोले- इतिहास नहीं मिटा पाएगी भाजपा सरकार
📅 Published: December 21, 2025 |
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