पंचकूला में स्वदेशी मेले में पहुंचे CM सैनी:हैरिटेज विलेज का किया अवलोकन; प्रदर्शनी में रखी है 100 साल पुरानी बैलगाड़ी

📅 Published: December 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

हरियाणा के पंचकूला सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में दस दिवसीय स्वदेशी महोत्सव 2025 का आयोजन किया जा रहा है। जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपराओं और स्वदेशी जीवन शैली के जीवंत रूप में प्रस्तुत किए जाने को सराहा, साथ ही विरासत प्रदर्शनी व अन्य स्टालों का घूमकर आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने यहां रखे हुए गंडासे के साथ भी फोटो करवाया। महोत्सव में विरासत दि हेरिटेज विलेज, कुरुक्षेत्र द्वारा लगाई गई विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपरागत जीवनशैली और स्वदेशी उत्पादों की झलक देखने को मिल रही है। महिला आयोग के स्टॉल पर चेयरमैन रेनू भाटिया की ओर से सीएम को हरियाणवी थीम पर बनी पेंटिंग भेंट की गई। हरियाणा की लोक संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों की झलक प्रदर्शनी में एक ओर हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के स्वदेशी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में 100 से अधिक पुरानी बैलगाड़ी, दोघड़ उठाए हरियाणवी महिला, चक्की चलाती महिला, ओखल कूटती महिला, 100 साल पुराना देशी नलका और हाथ से चलाने वाला गंडासा जैसे सेल्फी प्वाइंट पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। आगंतुक इन पारंपरिक झलकियों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। भव्य स्वदेशी दरवाजा और हरियाणवी पगड़ी के स्वरूप विरासत हेरिटेज विलेज के संयोजक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि स्वदेशी मेले में विरासत की ओर से एक भव्य स्वदेशी दरवाजा तैयार किया गया है। इसके अलावा हरियाणा की पगड़ी के विविध स्वरूप यहां प्रदर्शित किए गए हैं। चौपाल का दृश्य, जिसमें दादा-पोता चारपाई पर बैठे हुए हैं, विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कृषि संस्कृति की झलक: 70 साल पुरानी जेल और टांगलियां प्रदर्शनी में हरियाणा की कृषि संस्कृति से जुड़ी कई प्राचीन वस्तुएं भी रखी गई हैं। इनमें पुराने हल, खेतों में प्रयोग होने वाली बैलों की गोडी, कुएं में उपयोग किए जाने वाले डोल, किसान द्वारा अनाज मापने के मापक, बीज बोने के लिए प्रयोग किए जाने वाले ओरने, पशुओं के गले की लकड़ी की घंटियां, तथा 70 साल पुरानी जेल और टांगलियां शामिल हैं। ये सभी वस्तुएं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दो सौ साल पुराने बर्तन और लुगदी के बने बोहिये प्रदर्शनी में लुगदी से बने बोहिये और दो सौ साल पुराने बर्तन भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो आगंतुकों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए हैं। डॉ. पूनिया ने बताया कि यह स्वदेशी महोत्सव 28 दिसंबर तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा, जिसमें हरियाणा की परंपरा, संस्कृति और स्वदेशी गौरव की झलक देखने को मिलेगी।

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