पाकिस्तान से नार्को टेररिज्म का केस गवाही में अटका:नमक के बहाने हेरोइन मंगाई थी; NIA की फाइल में खुद के गवाहों के पते गलत, कोर्ट ने लगाई फटकार

📅 Published: January 12, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

पाकिस्तान से इस केस में नमक के बहाने 532 किलोग्राम हेरोइन मंगवाने का केस गवाही में अटका हुआ है। नार्को टेररिज्म से जुड़े 8 साल पुराने मामले में मोहाली स्थित एनआईए में गवाह पेश नहीं हो रहे हैं। क्योंकि कुछ गवाहों के एड्रेस गलत और आधे अधूरे निकले हैं। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई है। साथ ही एजेंसी को फटकार लगाते हुए गवाहों के सही पते और उन्हें अगली सुनवाई पर पेश करने संबंधी ऑर्डर जारी किए हैं। मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी होगी। जबकि एक गवाह को जमानती वारंट जारी किए गए हैं। ट्रायल को जल्दी पूरा करने के लिए कोर्ट ने मामले के चीफ जांच अधिकारी (CIO) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश भी दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, इस केस के मुख्य चार गवाह पेश नहीं हुए, जो कि इस प्रकार – 1. अभियोजन पक्ष के गवाह जगजीत सिंह को समन भेजा गया था, लेकिन पता गलत होने की वजह से समन तामील नहीं हो सका। इस पर कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) को आदेश दिया कि वे 7 दिनों के भीतर सही पता जमा करें। 2. इसी तरह गवाह गुरविंदर सिंह के खिलाफ 2 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया गया है। उन्हें मोबाइल फोन के जरिए समन भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए। 3. रजनी को भी समन भेजा गया है, लेकिन उसकी तामील पुलिस स्टेशन के जरिए होनी है, जिसका अभी इंतजार किया जा रहा है। 4. जबकि गुरजिंदर सिंह का पूरा पता एनआईए द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया इस पर अदालत ने जांच अधिकारी को अगली तारीख पर पूरा पता जमा करने के आदेश दिए। कोर्ट ने बाकी बचे गवाहों को भी 22 जनवरी के लिए समन जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान मुख्य आरोपी तारिक अहमद लोन, रणजीत सिंह उर्फ राणा और अमित गंभीर को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। वहीं जसबीर सिंह, संदीप कौर, निर्भैल सिंह और अजय गुप्ता, जो जमानत पर हैं, वे भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। ऐसे पकड़े में आया था यह मामला
यह मामला 29 जून 2019 को सामने आया था। पाकिस्तान से आई नमक की खेप में 532 किलो हेरोइन और 52 किलो अन्य नशीले पदार्थ छिपाकर लाए गए थे। इस खेप को अमृतसर स्थित अटारी इंटरनेशनल चेक पोस्ट पर पकड़ा गया था। मामले में अमृतसर के व्यापारी गुरपिंदर सिंह और जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा निवासी तारिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बाद में यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। NIA की जांच में खुलासा हुआ कि यह एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह है, जिसका संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह के तार अफगानिस्तान तक जुड़े हुए हैं। जांच में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत खासकर पंजाब, जम्मू और दिल्ली के लोगों की भूमिका सामने आई थी। इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए हवाला और अन्य चैनलों का इस्तेमाल किया गया था।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *