फर्रुखाबाद के बिलावलपुर गांव में ‘तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति’ की बैठक हुई। इसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया और गंगा नदी की भीषण बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध निर्माण की मांग दोहराई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर इस पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। क्षेत्रवासियों का कहना था कि गंगा की बाढ़ से बचाव का एकमात्र रास्ता तटबंध ही है। उन्होंने सरकार से एक स्वर में अपील की कि उन्हें कोई अन्य सरकारी सुविधा न दी जाए, लेकिन तटबंध का निर्माण अवश्य कराया जाए। तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के प्रमुख और फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष गंगा नदी ने कई गांवों को नक्शे से मिटा दिया है। आने वाले समय में कटरी क्षेत्र के शेष गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यदि अगली बार भी ऐसी बाढ़ आई, तो एक भी गांव नहीं बचेगा, इसलिए तटबंध का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। मिश्रा ने बताया कि वे जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से इस संबंध में बात कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक महीने के अंदर इस पर कोई कार्यवाही या कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने कहा कि सरकार प्रतिवर्ष राहत सामग्री बांटती है, जिससे क्षेत्रवासियों का कोई भला नहीं होने वाला है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि पूर्व में भी यह आवाज उठाई गई थी, लेकिन लोगों का सहयोग न मिलने के कारण शांत हो गए थे। रत्नेश पांडे ने कहा कि गंगा के दोनों किनारों पर दुख और दर्द एक जैसा है, इसलिए सभी को मिलकर लड़ना होगा और तटबंध बनवाना होगा। बैठक में महेंद्र यादव, राम अवतार पाल, सौरभ यादव, रामाश्रय पाल, मनोज यादव, राजीव वर्मा, प्रशांत पाठक, मोहित खन्ना, दयाराम शाक्य, राजीव पाल, बादशाह सिंह, आदिल खान, बिलाल खान, अतीक खान, अलवर सिंह, रामबरन शाक्य, महेंद्र सिंह कुशवाहा, सुरेश पाल, प्रशांत यादव, अवधेश राजपूत, हिरेलाल वर्मा और अशोक शाक्य सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
फर्रुखाबाद में गंगा तटबंध बनाने की मांग तेज:एक महीने में काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी
📅 Published: November 28, 2025 |
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