पंजाब के फिरोजपुर में घरेलू सामान लेने के लिए पति- पत्नी सामूहिक शादी समारोह दूल्हा-दुलहन बनकर पहुंच गए। यहां पर सोफा, बेड, अलमारी और कपड़े भी दिया जाना था। दोनों ने सामूहिक आनंद कारज में ही श्री गुरू ग्रंथ साहिब की लावां भी ले ली थीं। मगर गांव की महिला सरपंच के बेटे ने उन्हें पहचान लिया। जब आयोजकों को पता चला कि यह जोड़ा पहले ही विवाह बंधन में बंध चुका है, तो उन्होंने तुरंत शादी की प्रक्रिया रोक दी। समारोह करवाने वाली संस्था की सदस्य दीप्ति ने बताया कि संदेह होने पर जांच की गई और दहेज का सामान लेने की नीयत से दूसरी बार शादी करने की कोशिश पकड़ी गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। समारोह के मुख्य प्रबंधक संजीव सेठी ने बताया कि यह दंपती जलालाबाद के नजदीकी गांव का है। इसके अलावा एक अन्य दंपती भी शामिल हुआ था। उसे भी बिना सामान के भेजा गया है। रजिस्ट्रेशन करते समय कई लोग गलत जानकारियां दे देते हैं। दंपती ने झूठ बोलकर कराया रजिस्ट्रेशन पूरी जांच के बाद ही जोड़ों को विवाह के लिए चयनित किया जाता है, लेकिन इस मामले में दंपती ने झूठ बोलकर व्यवस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि दूसरी बार शादी करवाना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है, इसलिए प्रक्रिया तुरंत रोक दी गई। दंपती के गांव की सरपंच प्रीतम ने बताया कि लड़की दूसरे गांव की रहने वाली है, जबकि लड़का उसी गांव का है। दोनों ने झूठे दस्तावेज और गलत जानकारी देकर सामूहिक विवाह समारोह में शादी के लिए आवेदन किया था। जांच में यह भी सामने आया कि दंपती ने आयोजकों को धोखा देने की कोशिश की। सरपंच ने कहा कि ऐसे मामलों से सामूहिक विवाह जैसी सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण योजनाओं की छवि खराब होती है।
फिरोजपुर में दहेज का सामान हड़पने को कराई दूसरी शादी:दंपती ने सामूहिक विवाह समारोह में ले ली थीं लावां, सरपंच के बेटे ने पहचाना
📅 Published: November 22, 2025 |
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