बच्चा मर गया तो क्या हुआ…कहने वालीं CMO का ट्रांसफर:पोस्टिंग के 41 महीने बाद हटाई गईं, नेताओं ने भी लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

📅 Published: November 28, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

गोंडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रश्मि वर्मा को 41 माह बाद उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे और उन्होंने नवजात बच्चों की मौत पर अमर्यादित बयान दिया था। डॉ. वर्मा को हटाने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कई बार मुलाकात की थी। हाल ही में गौर से भाजपा विधायक प्रभात वर्मा और तरबगंज से भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडे ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। हालांकि, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, शासन ने उन्हें संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश के पद पर पदोन्नत कर दिया है। डॉ. वर्मा के खिलाफ गोंडा जिले में मेडिकल उपकरण खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। तत्कालीन गोंडा कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा ने इस मामले की जांच कर दो साल पहले सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, दो साल पहले उनके कार्यकाल के दौरान शगुन किट खरीद में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। तत्कालीन कमिश्नर और मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले महीने, एक बिना पंजीकरण वाले नर्सिंग होम में कुछ ही घंटों के भीतर दो नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। जब अगले दिन इस संबंध में गोंडा सीएमओ से बात की गई, तो उन्होंने एक अमर्यादित बयान दिया था। कि एक बच्चा मर गया तो उसके लिए सब आ गए. हजार जिंदा हैं तो वहां लड्डू खाने भी जाओ न। यह बयान भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था राजनीतिक दलों के लोगों द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन उसके बावजूद भी इनके खिलाफ अभी तक इस पूरे मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं है। बीते माह गोंडा जिला पंचायत सभागार में दिशा की बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता विदेश राज्य मंत्री व गोंडा सांसद किरण सिंह राजा भैया ने की थी। उस बैठक में जिले के जनप्रतिनिधियों ने डॉक्टर रश्मि वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि नियुक्तियों के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं और इनके लोग दुकान की तरह यह सब चला रहे हैं। बैठक में इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज़ोरों से उठी थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि डॉक्टर रश्मि वर्मा कितनी पावरफुल हैं। जिले के जनप्रतिनिधियों ने इनके खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा, डिप्टी सीएम को पत्र भेजा, दिशा की बैठक में मुद्दा उठाया, यहाँ तक कि तत्कालीन कमिश्नर ने भी पत्र लिखा। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय अब उनका प्रमोशन कर दिया गया है।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *