बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिले में एक व्यापक गृह संपर्क अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद प्रारंभ हुआ। संगठन ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान बताया है, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक संघ का संदेश पहुंचाना और सामाजिक उत्थान के लिए जन सहभागिता बढ़ाना है। जिला प्रचारक जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह अभियान शताब्दी वर्ष के तृतीय चरण के तहत शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत संघ के स्वयंसेवक टोलीवार जनपद के विभिन्न मोहल्लों, गांवों और कस्बों में जाकर लोगों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रहे हैं। जिले में लाखों घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए सभी खंडों में टीमें गठित की गई हैं। जिला कार्यवाह किरीट मणि ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल साहित्य वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के साथ आत्मीयता और विश्वास के संबंध को मजबूत करने का प्रयास है। स्वयंसेवक घर-घर जाकर भारत माता का चित्र और संघ की विचारधारा, इतिहास तथा सेवा कार्यों से संबंधित साहित्य वितरित कर रहे हैं। अभियान के दौरान स्वयंसेवक नागरिकों की समस्याओं और सामाजिक आवश्यकताओं को भी समझ रहे हैं, ताकि भविष्य में सेवा गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। आरएसएस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समाज में सद्भाव, सुरक्षा और संगठन की भावना को प्रबल करना है। यह अभियान 21 दिसंबर तक चलेगा। वितरित किए जा रहे साहित्य में संघ के 100 वर्षों की यात्रा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक अनुशासन और सेवा कार्यों से संबंधित संदेश शामिल हैं। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिलेभर में स्वयंसेवकों की सक्रियता और जनसंपर्क गतिविधियाँ तेज हो गई हैं, जिससे शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन में व्यापक सहभागिता की उम्मीद है।
बलरामपुर में RSS ने गृह संपर्क अभियान चलाया:स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा लोगों के सामने रखी, घर-घर जाकर भारत माता का चित्र वितरित किया
📅 Published: November 21, 2025 |
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