बागपत जनपद में बढ़ते वायु प्रदूषण और ठंड बढ़ने के साथ हवा की गुणवत्ता लगातार गिरने पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-3 को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत जिले में निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों व नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक में सभी विभागों को GRAP-3 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी, केवल जरूरी परियोजनाओं को ही छूट मिलेगी। धुआं छोड़ने वाले वाहनों की चेकिंग बढ़ाई जाएगी और एयर क्वालिटी बिगाड़ने वाले हर स्रोत पर सख्त निगरानी की जाएगी। डीएम अस्मिता लाल ने वायु गुणवत्ता सुधार में जनभागीदारी को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि खुले में कूड़ा, पत्तियां या सूखी घास जलाना हवा को गंभीर रूप से प्रदूषित करता है। ऐसे कार्यों से बचें और दूसरों को भी रोकें। अनावश्यक धुआं फैलाने पर भी कार्रवाई तय है। जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को निर्देश दिए गए कि बाजारों, मुख्य सड़कों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और निर्माण-प्रभावित क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग गन से नियमित जल छिड़काव किया जाए। धूल नियंत्रण को शीर्ष प्राथमिकता में रखते हुए सड़कों पर जमा कचरा, मिट्टी या मलबे की तुरंत सफाई सुनिश्चित की जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। आपदा विभाग के ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों को निर्देश दिया गया है कि कूड़ा या पत्तियां जलाने वाले व्यक्ति की फोटो सहित जानकारी देने पर ₹2500 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, कूड़ा जलाने वाले व्यक्ति पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस कदम का उद्देश्य ऐसे मामलों पर तुरंत नियंत्रण पाना और जनता की सहभागिता को बढ़ावा देना है।
बागपत में वायु प्रदूषण ज्यादा, GRAP-3 लागू:निर्माण कार्यों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
📅 Published: November 20, 2025 |
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