फर्रुखाबाद में भ्रष्टाचार और मनमानी ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोप में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) अजय कुमार और उनके कार्यालय में तैनात लिपिक रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन के आदेश पर की गई है। दोनों पर टेंडर में वित्तीय अनियमितता और चहेतों को लाखों का काम देने के आरोप हैं। निलंबन के बाद अधीक्षण अभियंता अजय कुमार और लिपिक रविंद्र कुमार को मुख्य अभियंता कार्यालय, बांदा से संबद्ध किया गया है। जांच में दोनों को 15.02 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार की जिले में तैनाती 16 नवंबर 2023 को हुई थी। उनके कार्यकाल के दौरान उन पर मनमाने तरीके से काम करने के आरोप लगे। इनमें करीबियों को टेंडर देने, बिरादरीवाद के आधार पर सवर्ण कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में और सजातीय कर्मचारियों को शहर में तैनात करने की शिकायतें शामिल हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी के दौरान 18 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने में भी पक्षपात की शिकायतें सामने आईं। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने मनमाने तरीके से आउटसोर्स कर्मियों को हटाने का यह मामला जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने उठाया था। इसके बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। शासन स्तर से भी इस मामले की जांच शुरू की गई। जांच कमेटियों ने शिकायतों के सभी बिंदुओं पर अधीक्षण अभियंता को दोषी पाया और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद, शासन के आदेश पर प्रबंध निदेशक ने अधीक्षण अभियंता अजय कुमार और टेंडर पटल प्रभारी लिपिक रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता और लिपिक निलंबित:फर्रुखाबाद में भ्रष्टाचार और मनमानी ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोप में एक्शन
📅 Published: February 12, 2026 |
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