महाशिवरात्रि पर होलियाना अंदाज में निकलेगी शिव बारात:7 घंटे में 4 किलोमीटर की दूरी होगी तय,बाबा विश्वनाथ के धाम आयेंगे 10 लाख श्रद्धालु

📅 Published: February 3, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

महाशिवरात्रि पर काशी की पहचान बन चुकी शिव बरात इस बार पूरी तरह होलियाना अंदाज में निकाली जाएगी। इसमें लोग बनारसी हुड़दंग और सांस्कृतिक उल्लास में नजर आएंगे। इस बार शिव बरात में वृंदावन की लट्ठमार होली, कर्नाटक की हंपी होली, पंजाब की होला मोहल्ला सहित अन्य राज्यों की परंपराओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। करीब 45 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत महामृत्युंजय महादेव मंदिर दारानगर से निकलने वाली शिव बरात 15 फरवरी को काशी की गलियों में रंग, मस्ती और ठहाकों के साथ घूमेगी। वहीं, इस बार की शिव बरात की खास थीम हर आदमी है टेंशन में, चलो थोड़ा गुदगुदाया जाए होगी। शिव बरात से पहले ही काशी में बाबा भोले की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शाम पांच बजे निकलेगी बरात, सात घंटे में तय होगा चार किलोमीटर का सफर विश्व प्रसिद्ध शिव बरात की शुरुआत शाम पांच बजे दारानगर स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर से होगी। बरात दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, नीचीबाग, आसभैरव, चौक, ज्ञानवापी और गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में जाकर संपन्न होगी। लगभग 4 किलोमीटर की यह यात्रा 7 घंटे में पूरी होगी। रास्ते भर काशीवासी दूल्हा बने बाबा भोलेनाथ का तिलक कर स्वागत करेंगे। इस वर्ष करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है, जिसे लेकर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। तिलभांडेश्वर महादेव से दिन में निकलेगी शिव बरात महाशिवरात्रि पर काशी तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से भी 15 फरवरी को भव्य और अलौकिक शिव बरात निकाली जाएगी। यह आयोजन महंत स्वामी शिवानंद गिरि जी महाराज के संरक्षण में और समिति अध्यक्ष राम बाबू यादव एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष विजय प्रजापति के नेतृत्व में संपन्न होगा। दोपहर 12 बजे मंदिर से निकलने वाली शिव बारात पांडे हवेली, केदारजी आदि मार्गों से होती हुई सायं 4 बजे पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचेगी। बारात में महाकाल, तिलभांडेश्वर महादेव, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, राम दरबार, नवदुर्गा सहित अनेक दिव्य झांकियां, देवगण, ऋषिगण, शिवगण, घोड़े-ऊंट, डमरू नाद, ढोल-नगाड़े, शहनाई और बैंड आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सायं 6:30 बजे संध्या आरती, रात्रि में विशेष रुद्राभिषेक, तथा अगले दिन मंगला आरती के बाद दक्षिण भारतीय परंपरा अनुसार सांभर-चावल महाप्रसाद का वितरण प्रातः 9 बजे तक किया जाएगा।

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