मिर्जापुर में कौमी एकता सप्ताह के अंतर्गत भाषाई सद्भावना दिवस पर शुक्रवार को जी.डी. बिनानी पीजी कॉलेज के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस सम्मेलन में प्रतिष्ठित साहित्यकार गणेश गंभीर, राजेंद्र तिवारी ‘लल्लू तिवारी’, डॉ. अनुराधा ओस, खुर्शीद भारती, हेलाल मिर्जापुरी, इरफान कुरैशी और प्रो. वंदना मिश्रा सहित कई कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों ने कौमी एकता, सद्भाव, देशप्रेम और सामाजिक समरसता पर केंद्रित काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि राजेंद्र तिवारी ने “प्यार कच्चा खड़ा नहीं होता…” शीर्षक कविता सुनाकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। गणेश गंभीर ने “रंग-बिरंगे फूल चमन की शान बन गए…” प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। शायर इरफान कुरैशी, खुर्शीद भारती, हेलाल मिर्जापुरी और कवयित्री अनुराधा ओस के गीत-ग़ज़लों को भी खूब सराहना मिली। प्रो. वंदना मिश्रा की रचना ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। श्रुति चतुर्वेदी, तनवीर आलम, अन्नू, अदिति तिवारी, तृषा पाठक, राज झा, अखिलेश कुमार, आदर्श दूबे और नितिन तिवारी ने कविता और भाषणों के जरिए भाषाई सद्भाव और राष्ट्रीय एकता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन प्रो. वंदना मिश्रा ने किया, जबकि वसीम अकरम अंसारी सह-संयोजक रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में कौमी एकता सप्ताह पर कवि सम्मेलन:जी.डी. बिनानी कॉलेज में कवियों ने सद्भाव का संदेश दिया
📅 Published: November 21, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
