मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का भूकंप:राष्ट्रपति शिनबाम प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर निकलीं; किसी के हताहत होने की खबर नहीं

📅 Published: January 3, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

अमेरिकी देश मेक्सिको में शुक्रवार शाम (भारतीय समयानुसार) 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। राजधानी मेक्सिको सिटी और दक्षिण-पश्चिमी गुएरेरो राज्य के कुछ हिस्सों में इसके झटके महसूस हुए। राष्ट्रीय भूकंप सर्विस ने इसकी पुष्टि की। भूकंप की चेतावनी के चलते राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम और उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों को राष्ट्रपति महल से बाहर निकलना पड़ा, लेकिन कुछ देर बाद वे सुरक्षित महल में लौट आए। राष्ट्रपति ने बताया कि भूकंप का केंद्र सान मार्कोस में था, जो मेक्सिको सिटी से करीब 230 किलोमीटर दूरी पर है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मेक्सिको सिटी और गुएरेरो में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भूकंप की 6 तस्वीरें… मेक्सिको के 3 बड़े भूकंप 1985- 8.0 तीव्रता के भूकंप से राजधानी मेक्सिको सिटी में भारी तबाही हुई थी। करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई और हजारों इमारतें ढह गई थीं। 2017- 7.1 तीव्रता के भूकंप का असर मेक्सिको सिटी समेत कई राज्यों में हुआ। इसमें 370 से ज्यादा लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। 2020- दक्षिणी राज्य ओआक्साका में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और तटीय इलाकों में नुकसान हुआ। मेक्सिको में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं? मेक्सिको प्रशांत महासागर ‘रिंग ऑफ फायर’ इलाके में मौजूद है। यह दुनिया का सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी सक्रिय क्षेत्र माना जाता है। इसी वजह से मेक्सिको में अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं। मेक्सिको के नीचे और आसपास कई टेक्टोनिक प्लेटें सक्रिय हैं। इनमें कोकोस प्लेट, नॉर्थ अमेरिकन प्लेट और पैसिफिक प्लेट शामिल है। कोकोस प्लेट लगातार नॉर्थ अमेरिकन प्लेट के नीचे धंस रही है। इस टकराव से जमीन के भीतर जब दबाव बढ़ता है और अचानक निकलता है, तो भूकंप आता है। राजधानी मेक्सिको सिटी पुराने झील क्षेत्र पर बसी है। यहां की मिट्टी नरम है, जिससे दूर आया भूकंप भी ज्यादा तेज महसूस होता है और इमारतों को ज्यादा नुकसान पहुंचता है। लगातार खतरे को देखते हुए मेक्सिको ने भूकंप अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (SASMEX) विकसित किया है, जो झटकों से कुछ सेकंड पहले सायरन बजाकर लोगों को सतर्क करता है। ग्राफिक्स से समझिए किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक.. भूकंप क्यों आता है?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

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