मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के पसवाड़ा गांव में छोटा गैस सिलेंडर फटने के बाद एक दुकान में आग लग गई। इस हादसे में दुकान स्वामी की जिंदा जलकर मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। कई घंटे आग बुझाने में लग गए। जब तक आग बुझ पाती, तब तक सबकुछ खाक हो चुका था। पुलिस की मानें तो मृतक काफी समय से यहां अकेला रह रहा था। परिजनों को सूचित कर शव को मोर्चरी भेजा गया है। एक नजर डालते हैं हादसे पर
ग्राम पसवाड़ा में 75 वर्षीय योगेंद्र अकेला रहता था। उन्होंने अपने कमरे के आगे ही एक छोटी सी दुकान खोल रखी थी। सोमवार देर शाम योगेंद्र घर में खाना बना रहे थे। इसी दौरान धमाके के साथ सिलेंडर फट गया और घर में आग लग गई। चंद सेकेंड में आग ने पूरे कमरे को घेर लिया। बाहर ना निकल पाने के कारण योगेंद्र बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौत हो गई। लोगों ने किया आग बुझाने का प्रयास
धमाके व आग की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कुछ ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास भी किया लेकिन दमकल को बुलाना पड़ा। जब तक आग बुझती, तब तक योगेंद्र व उनका सारा सामान जलकर राख हो चुका था। बाहर खड़ी उनकी मोपेड भी जलकर खाक हो गई। पुलिस ने शव मोर्चरी भिजवाया
सूचना पाकर परीक्षितगढ़ थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह शव को बाहर निकाला और पंचनामा भरकर मोर्चरी भिजवा दिया। मंगलवार को योगेंद्र के शव का पोस्टमार्टम होगा। पुलिस की मानें तो योगेंद्र ने करीब 30 वर्ष पहले सन्यास लेकर घर छोड़ दिया था। बाद में उन्होंने वापसी का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने नहीं स्वीकारा। योगेंद्र का परिवार रहता है मेरठथाना प्रभारी सुदीश सिंह सिरोही ने बताया कि योगेंद्र का परिवार मेरठ रहता है। परिवार में पत्नी राजेश्वरी के अलावा बेटा सुमित व तीन बहने हैं। सुमित तीन बहनों की शादी कर चुका है। वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है।
मेरठ में सिलेंडर फटा, जिंदा जलकर बुजुर्ग की मौत:परचून की दुकान खोलकर उसी में अकेला रहता था बुजुर्ग, शव मोर्चरी भिजवाया
📅 Published: February 2, 2026 |
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