यूपी में इस सीजन पहली बार पारा 5.2 डिग्री पहुंचा है। इतने कम तापमान के साथ मेरठ प्रदेश में सबसे ठंडा रिकॉर्ड हुआ है। प्रदेशभर में पछुआ हवा की वापसी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सोमवार से अधिकतर जिलों में सर्दी में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शीतलहर शुरू हो चुकी है। वहीं, दिनभर 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने लोगों को गलन का एहसास दिला दिया। दिसंबर के पहले दिन वेस्ट यूपी के औसत तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल नवंबर 2025 में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जबकि औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से 1–3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसका सीधा संकेत है कि उत्तर प्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। इस बार पड़ेगी ज्यादा ठंडी
मौसम विभाग ने बताया कि इस समय भूमध्य रेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना की परिस्थितियां कमजोर तो हो रही हैं, मगर दिसंबर से फरवरी तक इसके बने रहने के संकेत हैं। हिंद महासागर द्विध्रुव भी नकारात्मक स्थिति में तटस्थ परिस्थितियों की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों वैश्विक मौसमी कारणों से उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से कम रहने वाला है। सोमवार को वाराणसी आने वाली कई शहरों की सात उड़ानें निर्धारित समय से धुंध के कारण लेट रहीं। देरी की वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम में बदलाव और घने कोहरे के कारण विमान लेट हुए हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, कई विमानों की बोर्डिंग ही देरी से हो रही है। इस कारण भी विमान में देरी हो रही है। वाराणसी एयरपोर्ट पर देरी से पहुंचे 7 विमान 2-5 दिन में यूपी में प्रवेश करेगी बर्फीली हवाएं
मौसम विभाग का आकलन है कि इस बार पूर्वांचल के दक्षिणी क्षेत्र को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में शीतलहर के दिनों की संख्या सामान्य से 2 से 5 दिन अधिक रह सकती है। पर्वतीय स्रोतों से आने वाली बर्फीली हवाओं और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवा की वजह से प्रदेश में न्यूनतम तापमान लगातार गिरावट दर्ज करेगा। पश्चिमी यूपी के जनपद मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर में तापमान में अधिक गिरावट की संभावना जताई गई है, जबकि केंद्रीय और पूर्वी यूपी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी में भी ठंड बढ़ेगी। सर्दियों में बढ़ सकता है जॉइंट पेन: हेल्दी फूड और एक्सरसाइज जरूरी, डॉक्टर से जानें टिप्स सर्दियों के मौसम में जोड़ों में दर्द व अकड़न की समस्याएं बढ़ जाती हैं। दरअसल तापमान में कमी के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे जोड़ों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है और दर्द महसूस होता है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी कम होने के कारण भी ऐसा हो सकता है। यह स्थिति खासकर बुजुर्गों और आर्थराइटिस से पीड़ित लोगों में ज्यादा दर्दनाक होती है। मार्च 2014, में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी बताती है कि, सर्दियों में आर्थराइटिस के लक्षण बढ़ जाते हैं। सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है? इससे कैसे बचा जा सकता है…पढ़ें पूरी खबर…
यूपी में इस सीजन पहली बार पारा 5.2 डिग्री पहुंचा:मेरठ सबसे ठंडा, दिसंबर के पहले दिन 4 डिग्री गिरा पारा; शीतलहर शुरू
📅 Published: December 2, 2025 |
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