राममंदिर के विडियोज ने बदल दी जीवन की दिशा:महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में हुआ ‘अवध क्रिएटर्स कार्यक्रम’

📅 Published: November 26, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

राम मंदिर में प्रस्तावित ध्वजारोहण कार्यक्रम के उपलक्ष्य में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में अवध क्रिएटर्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के 50 क्रिएटर्स ने भाग लिया और अपने अनुभव, संघर्ष तथा डिजिटल मंच पर सफलता की यात्रा को साझा किया और बताया कि कैसे राम मंदिर पर बनाए उनके कंटेंट ने उनके जीवन की दिशा और दशा को बदल दिया । जन संपर्क अधिकारी शिवम् यादव ने बताया कि महर्षि महेश योगी जी ने वर्ष दशकों पहले अयोध्या में एक भव्य विश्वविद्यालय बनाने का स्वप्न देखा था। आज वह सपना साकार हो चुका है और रामायण विश्वविद्यालय न केवल भारत बल्कि विश्व में अनूठा शिक्षा केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा अयोध्या में जहां विश्व का सबसे भव्य राम मंदिर निर्मित हुआ है, वहीं दूसरा सबसे विशाल और विशेष संस्थान यही रामायण विश्वविद्यालय है। यहाँ की सभी इमारतों एवं भवनों का निर्माण भगवान राम और रामायण के पात्रों के नाम पर किया जा रहा है। शिक्षण कार्य के लिए राम भवन, लक्ष्मण भवन, भारत भवन, शत्रुघ्न भवन, रघुकुल भवन, वशिष्ठ भवन, जानकी निवास, तथा छात्र-छात्राओं के लिए हनुमत निवास जैसे भवन इस विश्वविद्यालय की अद्वितीय पहचान को दर्शाते हैं। क्रिएटर्स को बताया गया कि यहाँ केवल रामायण आधारित शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान, बीटेक, एमटेक सहित इंजीनियरिंग की नवीन शाखाएँ भी पढ़ाई जाती हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संपर्क अधिकारी कमल यादव, सहायक अमन श्रीवास्तव, लवकुश शुक्ला, आकाश यादव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। जनसंपर्क अधिकारी शिवम यादव ने सभी क्रिएटर्स को परिसर भ्रमण कराया और विश्वविद्यालय की शिक्षण पद्धति तथा संरचना से परिचित कराया। कार्यक्रम में आए प्रतिभागियों मे सृष्टि त्रिपाठी, ईशिका पांडेय, साक्षी शुक्ला, हर्ष गुप्ता, सौर्वी श्रीवास्तव, अशुतोष वर्मा,रिया सोनी, अतुल वर्मा, तपस्या उपाध्याय, अशुतोष श्रीवास्तव, मोहित कुमार मौर्य, हिमांशु पटेल, मोहसिन हसन, पवन साहू, अभिनव सिंह, पीयूष सोनी, अर्पित ठाकुर, सृष्टि कौशल, ऋति–तपस्या, विशाल मौर्य, प्रखर मौर्य, प्रशांत आज़ाद, अच्युत दूबे, हर्षवर्धन पटेल, अमित कुमार गौतम, अनुष्का शुक्ला, सुमित कसौधन,गुरनीत कौर सहित अनेक युवा शामिल रहे।
सभी प्रतिभागियों ने बताया कि डिजिटल मंच पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत, धैर्य और निरंतर सृजन के बल पर वे आज अयोध्या का नाम देश और दुनिया में रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को डिजिटल माध्यमों के जरिए राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने के सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी क्रिएटर्स का आभार व्यक्त किया और परिसर भ्रमण कराया ।

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