रायबरेली के राणा बेनी माधव बक्श सिंह जिला चिकित्सालय का इमरजेंसी वार्ड गंभीर संक्रमण का केंद्र बन गया है। यहां की दीवारों पर खतरनाक फंगस, फफूंद और काई फैली हुई है, जिससे मरीजों को गैंग्रीन जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है।एक रियलिटी चेक में सामने आया कि इमरजेंसी वार्ड की दीवारें जगह-जगह काली फफूंद, टूटे प्लास्टर और गीली काई से भरी हुई हैं। कई हिस्सों में अत्यधिक नमी के कारण दीवारें खुद झड़ रही हैं, जिससे स्वच्छता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह के फंगस से गैंग्रीन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से, रोजाना आने वाले घायल मरीज जिनके घाव खुले होते हैं, वे सीधे तौर पर इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।फेफड़ों के मरीज, दमा, टीबी और बुजुर्ग भी इस दूषित वातावरण में तेजी से संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अस्पताल का यह माहौल उनकी सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन हजारों बीमार और घायल मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में, जिस स्थान पर उनकी जान बचाने का प्रयास होना चाहिए, वहीं की अव्यवस्थाएं उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। रियलिटी चेक के दौरान छतों से पानी का रिसाव, दीवारों पर मोटी काई, फर्श पर जमी फफूंद, दवाओं के स्टोर के आसपास नमी और खराब वेंटिलेशन जैसी समस्याएं भी देखी गईं। यह सब स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही का प्रमाण है।स्थानीय मरीजों और उनके तीमारदारों का आरोप है कि यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला स्तर के अधिकारियों ने कई शिकायतों के बावजूद इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिसका खामियाजा अब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर — कौन लेगा जिम्मेदारी? रायबरेली जिला अस्पताल प्रदेश की प्रमुख स्वास्थ्य इकाइयों में से एक है। सवाल साफ है—क्या इमरजेंसी में इलाज कराने वाले मरीजों की जिंदगी किसी को दिखाई नहीं देती? क्या स्वास्थ्य विभाग फंगस के बीच इलाज को सामान्य मान चुका है? स्थानीय लोगों की मांग — तत्काल सफाई, मरम्मत, जिम्मेदारों पर कार्रवाई इलाके के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इमरजेंसी की पूरी सफाई और फंगस हटाने का अभियान तुरंत चलाया जाए।नमी और रिसाव रोकने के लिए भवन की मरम्मत तुरंत हो।जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर एक्शन लिया जाए।रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी की यह हालत न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सिस्टम की लापरवाही कैसे हजारों लोगों की जान से खेल रही है।
रायबरेली जिला अस्पताल में फंगस, काई का राज:इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को गैंग्रीन, संक्रमण का गंभीर खतरा
📅 Published: November 24, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
