लखनऊ में 7वां अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण प्रदूषण सम्मेलन:CSIR-NBRI और ISEB 30 नवंबर 2025 से करेंगे आयोजन

📅 Published: November 29, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

लखनऊ में सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NBRI) और इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ एनवायरनमेंटल बोटनिस्ट्स (ISEB) के संयुक्त तत्वावधान में 7वां अंतरराष्ट्रीय वनस्पति एवं पर्यावरण प्रदूषण सम्मेलन (ICPEP-7) आयोजित किया जाएगा। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 30 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक सीएसआईआर-एनबीआरआई परिसर में होगा। इसका मुख्य विषय ‘पौधे एवं पारिस्थितिक तंत्र: पर्यावरण के लिए जीवनशैली (LIFE), हरित विकास एवं सतत भविष्य की ओर’ रखा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएसआईआर-एनबीआरआई के निदेशक डॉ. ए.के. शासनी ने बताया कि इस सम्मेलन में भारत और विदेशों से 300 से अधिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, सरकारी प्रतिनिधि और छात्र हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश और यूरोप के 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे, जो सम्मेलन के वैश्विक महत्व को दर्शाता है। युवा वैज्ञानिकों और शोध छात्रों के पोस्टर प्रेजेंटेशन सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और पर्यावरणीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। फ्रांस की डॉ. नाथाली फॉमप्रोइक्स, जो अंतरराष्ट्रीय सलाहकार समिति की सदस्य हैं, सहित कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक इस आयोजन में शामिल होंगे।सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के मुख्य व्याख्यान, तकनीकी सत्रों में मौखिक शोध प्रस्तुतियाँ, युवा वैज्ञानिकों और शोध छात्रों के पोस्टर प्रेजेंटेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पैनल एवं प्लेनरी चर्चाएँ तथा सहयोग और नेटवर्किंग के अवसर भी उपलब्ध होंगे। मुख्य बिन्दुओं पर वैज्ञानिक विचार-विमर्श होगा वैज्ञानिक विचार-विमर्श मुख्य रूप से कई महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा विषयों पर केंद्रित होंगे। इनमें जैव विविधता एवं संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव एवं अनुकूलन रणनीतियाँ, पर्यावरणीय प्रदूषण पर पौधों की प्रतिक्रियाएं, पर्यावरणीय सूक्ष्मजीव विज्ञान और नैनोप्रौद्योगिकी शामिल हैं। अन्य विषयों में पर्यावरणीय निगरानी, शहरी पारिस्थितिकी, भू-स्थानिक तकनीक, हरित प्रौद्योगिकियाँ, जैव-अर्थव्यवस्था, सतत विकास, पोषण सुरक्षा, पारंपरिक वनस्पति ज्ञान और सूक्ष्मप्लास्टिक जैसे उभरते प्रदूषण कारक शामिल हैं। पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा डॉ. शासनी ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि सहयोगात्मक समाधान, भावी रणनीतियाँ और वैज्ञानिक कार्ययोजनाएँ विकसित कर पर्यावरण संरक्षण में सार्थक योगदान देना है। उन्होंने जोर दिया कि ICPEP-7 ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हो रहा है जब जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण विश्वभर में पारिस्थितिक तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं।

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