लखनऊ विश्वविद्यालय में योग पर राष्ट्रीय सेमिनार:तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका पर विशेषज्ञों ने की चर्चा

📅 Published: November 30, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर स्थित विश्वकर्मा सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार योग विभाग, फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन, इंडियन योग फेडरेशन और यूपी नेचुरोपैथी एंड योग टीचर्स एंड फिजिशियन एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में हुआ। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सेमिनार की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने की। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, अति विशिष्ट कैंसर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एम.एल.बी भट्ट और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। तनाव का मुख्य कारण 21वीं सदी की व्यस्त जीवनशैली उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक तनाव तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण 21वीं सदी की व्यस्त जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि योग के आसन, प्राणायाम और ध्यान तनाव प्रबंधन में प्रभावी हैं। कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने कहा कि तनाव हार्मोन असंतुलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है। विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने योग के नियमित अभ्यास से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में सुधार पर जोर दिया। प्रोफेसर एम.एल.बी भट्ट ने ध्यान के अभ्यास से शरीर में सेरोटोनिन और डोपामिन हार्मोन बढ़ने की वैज्ञानिक पुष्टि की। प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद ने प्राणायाम को शरीर और मन के बीच सेतु बताया। 10.6 प्रतिशत वयस्क मानसिक विकार से पीड़ित आयोजक डॉक्टर अमरजीत यादव ने बताया कि 2024 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 53 प्रतिशत शहरी भारतीय तनावग्रस्त हैं। नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, 10.6 प्रतिशत वयस्क मानसिक विकार से पीड़ित हैं। उन्होंने शवासन, भुजंगासन, गौमुखासन जैसे आसनों और अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे प्राणायाम को तनाव कम करने में प्रभावी बताया। ध्यान से कॉर्टिसोल हार्मोन कम होता है और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। इस अवसर पर डॉक्टर देवेश कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर सरस्वती काला, डॉ आरती यादव, प्रोफेसर हरि हृदय अवस्थी, डॉक्टर डी.एन राय और डॉक्टर रमेश कुमार को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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