लखीमपुर खीरी के जुवारी ग्रुप की गोविंद शुगर मिल के गन्ना सेंटर नैनापुर प्रथम पर गन्ने की तौल चौथे दिन भी बंद रही। किसानों द्वारा ‘उतराई’ के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग का विरोध करने के कारण यह स्थिति बनी है। दूर-दराज से आए किसानों की ट्रॉलियाँ कई दिनों से केंद्र पर खड़ी हैं, जिससे उनमें भरा गन्ना सूखने लगा है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों के अनुसार, मिल प्रबंधन पहले से ही 9.25 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती कर रहा है। इसके अतिरिक्त, उनसे उतराई शुल्क के नाम पर अलग से पैसे मांगे जा रहे हैं, जिसे वे मानने को तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह अतिरिक्त शुल्क पहले से ही महंगी खेती और कम मुनाफे के बीच उन पर और बोझ डाल रहा है। विवाद शुरू होने के बाद से नैनापुर प्रथम सेंटर पर तौल पूरी तरह ठप है। चार दिनों से किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ वहीं खड़ी हैं, जिससे वे अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। धूप में गन्ना सूखने से उसका वजन कम हो रहा है, जिसका सीधा आर्थिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। कई किसान रातें भी सेंटर पर ही बिताने को मजबूर हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि स्थिति की गंभीरता के बावजूद मिल प्रबंधन या कोई भी कर्मचारी समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा है। सेंटर पर तैनात स्टाफ भी पूरी तरह से अनुपस्थित है, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तौल बहाल नहीं की गई और अवैध उतराई शुल्क की मांग बंद नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। गन्ना पेराई सीजन के बीच ऐसी स्थिति उत्पन्न होने से क्षेत्र के हजारों किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। किसान अब मिल प्रशासन की प्रतिक्रिया और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
लखीमपुर में गन्ना सेंटर पर तौल चौथे दिन भी ठप:अतिरिक्त शुल्क के विरोध में किसानों ने रोकी तौल, आंदोलन की चेतावनी
📅 Published: November 24, 2025 |
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