‘लड़की पसंद कर लो, फंसाने का काम हमारा’:कॉन्ट्रेक्ट लेकर हनीट्रैप–सेक्सटॉर्शन करने वाले एक्सपोज, नाबालिग के साथ बनाते हैं वीडियो

📅 Published: January 23, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

‘14 प्लस बेस्ट है…। उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ, तब भी केस पक्का। 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है।’ ये बात सेक्सटॉर्शन और हनीट्रैप का कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली गैंग के एजेंट ने दैनिक भास्कर के खुफिया कैमरे पर कही। ये गैंग बाकायदा कॉन्ट्रैक्ट साइन करके सेक्सटॉर्शन को अंजाम दे रही हैं। पर्दाफाश के लिए हमने नई दिल्ली में दो एजेंट्स से मुलाकात की। हम सोर्स के जरिए इन एजेंट्स तक पहुंचे। कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली गैंग की एजेंट से रिपोर्टर की मुलाकात रिपोर्टर: आपका नाम क्या है एजेंट: पूजा रिपोर्टर: काम क्या है एजेंट: भाई ने समझा दिया है रिपोर्टर: क्या समझाया है एजेंट: लड़कियां अरेंज करनी हैं। पुराने कनेक्शन हैं रिपोर्टर: क्लाइंट मुंबई के बड़े बिजनेसमैन हैं। पैसा अच्छा है एजेंट: ठीक है रिपोर्टर: आपको क्या-क्या जानकारी है, बताइए एजेंट: दो सुंदर लड़कियां चाहिए। होटल में मीटिंग होगी रिपोर्टर: हनी ट्रैप समझती हैं एजेंट: हां रिपोर्टर: प्रोसेस कैसे होगी एजेंट: पीने के बाद टच होता है, बातें होती हैं। वही सब चाहिए रिपोर्टर: लड़की की उम्र कितनी होगी एजेंट: 14 प्लस बेस्ट है रिपोर्टर: 14 एजेंट: उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ तब भी केस पक्का रिपोर्टर: 18 प्लस क्यों नहीं एजेंट: 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है रिपोर्टर: रिकॉर्डिंग कैसे करोगी एजेंट: अपने फोन से। बस हाय-हेलो, बातचीत दिखानी है रिपोर्टर: उसके बाद एजेंट: होटल ले जाएंगे। रूम बुक कराएंगे। अंदर जाते ही काम बन जाता है रिपोर्टर: पुलिस को कब बुलाओगी एजेंट: जब हमारे लिए मजबूत हो जाएगा। फिर बोलेंगे बच्ची के साथ बदतमीजी की रिपोर्टर: पेमेंट कैसे लेते हो एजेंट: एडवांस, फिर काम होने पर। तीन हिस्सों में रिपोर्टर: आदमी अंदर चला जाता है एजेंट: हां। मेरी गवाही तक बाहर नहीं आता। तीन साल से लोग अंदर हैं रिपोर्टर: समझौता हो सकता है एजेंट: अगर पैसे दे दे तो पहले कमरे में ही मैनेज कर लेते हैं रिपोर्टर: होटल में बच्ची की एंट्री कैसे एजेंट: आधार नहीं लगता। हम मौसी-मामी बनकर जाते हैं। सब पैसे का खेल है रिपोर्टर: एक क्लाइंट पॉलिटिशियन है, हरियाणा से एजेंट: हो जाएगा। उम्रदराज पॉलिटिशियन जल्दी फंसते हैं रिपोर्टर: उन्हें कैसे ट्रैप करोगी एजेंट: मीटिंग करवा दो। नंबर एक्सचेंज होगा। लड़की सामने आई तो काम हो जाएगा एजेंट दावा करती है कि उसने हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के लिए चार मामलों में अलग अलग लोगों पर पॉक्सो लगवा रखा है जिसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है। गवाही उनके हाथ में होती है। बातचीत में वे यह भी कहती हैं कि अगर सामने वाला अंदर चला गया, तो बाहर निकलना उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा। एजेंट और रिपोर्टर के बीच फिर आगे बातचीत होती है…। एजेंट: लड़की तय कर लो। सोच-समझकर मैसेज करना रिपोर्टर: आपको कॉन्ट्रैक्ट दे दिया है। कैसे करना है, वो आप तय करें। मेरा काम सिर्फ मिलवाना है एजेंट: टारगेट शराब पीता है रिपोर्टर: हां एजेंट: हम पिलाने वाली बैठाएंगे। नशा होगा तभी काम बनेगा रिपोर्टर: पहली मीटिंग मैं कराऊंगा एजेंट: बस हाय-हेलो कराना। उसके बाद हम बाहर मिलेंगे। आदमी खुद कहता है होटल चलो रिपोर्टर: अगर वो टच करने लगे एजेंट: कोई दिक्कत नहीं। हमें फंसाना है महिला एजेंट ने हमसे कहा कि वो टारगेट (मुंबई के बिजनेसमैन) से एक बार मिलवाकर दोस्ती करवा दे। हमने उसे बताया कि मुंबई से उसका दोस्त दो दिन में आ रहा है आते ही मिलवाने का वादा कर हम उस दिन वहां से निकल जाते हैं। ठीक तीन दिन बाद अंडर कवर रिपोर्टर मुंबई का बिजनेसमैन बन एजेंट से मुलाकात करता है। रिपोर्टर बताता है कि, इन्हीं को फंसाना है। एजेंट बिजनेसमैन को दोस्ती करने के लिए मनाली ले जाने का कहती है। रिपोर्टर: फाइनल प्लान बताओ एजेंट: आठ तारीख रिपोर्टर: दिल्ली या हरियाणा एजेंट: मनाली ले चलेंगे एजेंट: घूमने के बहाने दोस्ती होगी। शराब, चैटिंग, हंसी–मजाक एजेंट: लौटते वक्त दिल्ली में होटल रुकेंगे रिपोर्टर: FIR कहां एजेंट: दिल्ली में। पुलिस सबूत मांगती है, वीडियो बना लेंगे रिपोर्टर: काम पक्का हो जाएगा एजेंट: पक्का इसके बाद हमारी टीम एक और गैंग की तलाश में जुटती है। मकसद यह जानना था कि सेक्सटॉर्शन का यह खेल किसी एक गिरोह तक सीमित है या इसके पीछे कई नेटवर्क एक्टिव हैं। इसी तलाश में हमारी बातचीत राजू नाम के एक बंगाली एजेंट से होती है। राजू से मुलाकात दिल्ली के महिपालपुर में तय होती है। वह होटल में मिलने से इनकार करता है और कहता है कि अगर गाड़ी है तो बातचीत गाड़ी में ही होगी। वजह, होटल के CCTV कैमरों से बचना। शुरुआत में राजू को टीम पर भरोसा नहीं होता। तय समय पर राजू आता है। उसके साथ उसकी गैंग की एक महिला सदस्य भी मौजूद रहती है। बातचीत की शुरुआत में हम पहले की तरह मुंबई के बिजनेसमैन को टारगेट बताते हैं। राजू और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत रिपोर्टर: टारगेट को हनी ट्रैप या सेक्सटॉर्शन—किसमें फंसाओगे राजू: सेक्सटॉर्शन। सेक्स कराओ और टॉर्चर करो रिपोर्टर: इंडियन या रशियन राजू: दोनों ऑप्शन हैं रिपोर्टर: पहले ऐसा काम किया है राजू: लूटपाट नहीं की, लेकिन काम हो जाएगा रिपोर्टर: रिकॉर्डिंग कौन करेगा राजू: लड़की करेगी एजेंट-2: हमें सब आता है रिपोर्टर: चार्ज कितना लोगे राजू: पार्टी से जो कटेगा, 50-50 रिपोर्टर: ब्लैकमेल कब राजू: अगले दिन फोन करेंगे। वीडियो भेजेंगे एजेंट-2: लोग डर जाते हैं। इज्जत का डर सबसे बड़ा होता है राजू: मोटी पार्टी हो तो एक करोड़ भी दे देता है रिपोर्टर: पुलिस बुलाने की व्यवस्था राजू: पूरी सेटिंग है। मंथली देते हैं। पांच मिनट में पहुंच जाती है रिपोर्टर: होटल कहां राजू: महिपालपुर। 300 होटल में सेटिंग है गैंग के काम करने के 3 तरीके पहला : खुद टारगेट से संपर्क करते हैं। दोस्ती, प्रेम या भरोसे का नाटक कर पहले नजदीकियां बढ़ाई जाती हैं और प्लानिंग के साथ शारीरिक संबंध बनाया जाता है, जिसे स्पाई कैमरा में रिकॉर्ड करते हैं। फिर ब्लैकमेल कर डिमांड पूरी करवाते हैं। अगर टारगेट डिमांड पूरा करने से मना करता है तो नाबालिक लड़कियों को सामने रख कर पुलिस बुला कर पॉक्सो में मामला दर्ज करा दिया जाता है। दूसरा : इस मामले में कोई अपना ही टारगेट से पैसे या गुप्त जानकारी हासिल करने लिए गैंग कि महिलाओं को दोस्त बता कर मिलवाता है। महिला टारगेट से दोस्ती बढ़ाती है। फिर शारीरिक संबंध बनाया जाता है, जिसे स्पाई कैमरा में रिकॉर्ड करते हैं। धमकी देकर डिमांड पूरी करवाते हैं। तीसरा : वीडियो कॉल के जरिए आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करते हैं। फिर इसी फुटेज के जरिए ब्लैकमेलिंग की जाती है। इस तरह के सेक्सटॉर्शन के शिकार उत्तर प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी भी हो चुके हैं। हनीट्रेन–सेक्सटॉर्शन के 3 मामले पहला : 12 जुलाई 2023 को दिल्ली निवासी धीरज के खिलाफ बलात्कार की एफआईआर दर्ज की गई। आरोप लगाया गया कि दिसंबर 2022 में एक मॉल की बेसमेंट पार्किंग में खड़ी कार में उन्होंने लड़की का रेप किया। एफआईआर के आधार पर धीरज को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि मुलाकात उस महिला से कभी हुई ही नहीं, जिसने उस पर बलात्कार का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के दौरान धीरज का करीबी दोस्त मुकेश सामने आया और परिवार से 50 लाख रुपए की मांग करते हुए दावा किया कि वह लड़की को पैसे देकर धीरज को जेल से छुड़वा देगा। घबराए परिवार ने 33 लाख रुपए दे दिए। इसके बावजूद धीरज को लगभग 3.5 महीने जेल में बिताने पड़े, जिसके बाद उसे जमानत मिली। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला पैसों की उगाही के लिए रचा गया था। जिस महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था, वह मुकेश के ही स्पा सेंटर में काम करती थी। यह भी उजागर हुआ कि साजिश का मास्टरमाइंड खुद मुकेश था, जिसने इस झूठे मामले के जरिए धीरज के परिवार से पैसे ऐंठे। मुकेश और पिंकी के खिलाफ एक्सटॉर्शन की एफआईआर दर्ज की गई और दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। दूसरा : गुरुग्राम में 8 जून 2023 को पुलिस ने बिनीता कुमारी और महेश फोगाट को झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बिहार की रहने वाली बिनीता कुमारी और रोहतक निवासी महेश फोगाट, गुरुग्राम में एक संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट के जरिए पुरुषों को निशाना बनाकर उनसे जबरन वसूली कर रहे थे। 28 मई 2023 को बिनीता ने एक डेटिंग ऐप के जरिए एक व्यक्ति को फंसाया। वह उसे मिलने के बहाने बुलाकर जबरन बीयर पीने का दबाव बनाने लगी। जब उस व्यक्ति को संदेह हुआ, तो वह वहां से निकल गया। इसके बाद बिनीता ने उस व्यक्ति से 5 लाख रुपए की मांग की और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित व्यक्ति ने महेश फोगाट को 50 हजार रुपए दे दिए। लेकिन जब दोबारा पैसों की मांग की गई, तो एक एनजीओ के जरिए गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 120B, 384 और 389 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तार किया गया। तीसरा : गुरुग्राम में एक सीनियर सिटिजन को दो महिलाओं ने झूठे रेप केस में फंसाया। एफआईआर के अनुसार, दोनों महिलाओं ने मिस्ड कॉल के जरिए संपर्क किया और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई। एक दिन वे उनके घर पहुंचीं, एक महिला ने उन्हें शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया। कुछ समय बाद वह यह कहते हुए वहां से चली गई कि ‘काम हो गया, सबूत मिल गया।’ इसके कुछ ही समय बाद पीड़ित को इन महिलाओं के फोन आने लगे। 10 लाख रुपए की मांग की गई। पैसे न देने पर झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पैसे नहीं देने पर घटना के 14 दिन बाद महिला ने बलात्कार का मामला दर्ज करा दिया गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाई, जिसमें वरिष्ठ नागरिक को झूठे केस से बचाने के बदले महिला और उसके गिरोह के सरगना को 6.5 लाख रुपए देने की मांग करते सुने गए। पॉक्सो और सेक्शन 376 का गलत इस्तेमाल हो रहा दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट शैलेंद्र बब्बर कहते हैं कि, ‘पोस्ट निर्भया के बाद पॉक्सो और सेक्शन 376 जैसे कानूनों का सबसे अधिक मिसयूज देखा गया है। मेट्रोमोनियल विवादों में भी पॉक्सो का मिसयूज़ होता है। कुछ मामलों में, व्यक्ति सेक्सटॉर्शन या हनीट्रैप के जरिए पैसे वसूलने या बदला लेने के लिए अपराधी गतिविधियां करते हैं। कुछ मामले ऐसे हैं जहां निजी लेन-देन कोर्ट में नहीं सुलझ रहे थे। तब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के बच्चों को फंसाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस इकट्ठा करना जरूरी है। झूठा सबूत बनाना गंभीर अपराध है, जिसमें 6 महीने से 10 साल तक की सजा हो सकती है। पॉक्सो एक्ट में विशेष प्रावधान है। अगर माइनर झूठी शिकायत कराता है, तो उसकी सजा छह महीने तक होती है। टारगेट डर जाता है और पैसे देने लगता है रिटायर्ड एसीपी वेद भूषण कहते हैं, ‘ अभी आपने देखा कि कर्नाटक के डीजी अपने ऑफिस में बैठे थे और एक लड़की के साथ वीडियो बन गया। जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो टारगेट डर जाता है और पैसे देने लगता है।’ ‘हनीट्रैप पुराने समय से हैं, जहां लड़कियां बड़े अधिकारी और राजनीतिक नेताओं को फंसाती थीं। वीडियो बनाकर पैसे की मांग की जाती थी। दिल्ली में एक सुप्रीम कोर्ट की वकील ने सांसद से सात करोड़ रुपए की डिमांड की थी। जांच के बाद उसे अरेस्ट कर लिया गया।’ ‘लोग मामले रिपोर्ट नहीं करते क्योंकि डर या परिवार की इज्जत को लेकर दबाव होता है। अब धीरे-धीरे लोग सामने आ रहे हैं, पुलिस जांच करती है और आरोपी अरेस्ट किए जाते हैं। इससे बचने का सबसे आसान तरीका है सतर्क रहना और किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में न आना।’ वहीं, एकम न्याय फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका नारायण भारद्वाज कहती हैं कि, ‘हमारे पास बलात्कार, हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के कई मामले आते हैं, जिनमें से कुछ हम पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।’ ‘अक्सर महिला अपनी मर्जी से संबंध बनाती है, लेकिन बाद में उसी पर बलात्कार का केस दर्ज कर देती है। कई बार यह पैसे वसूलने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में वकील और पुलिस भी इसमें शामिल पाए गए।’ कॉन्क्लूजन : हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन संगठित अपराध हैं। कानून मौजूद है, लेकिन डर की वजह से रिपोर्टिंग कम है। पॉक्सो और रेप कानून का डर उगाही का हथियार बन रहा है। …………………………………… आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं ‘4500 टका दिए, एजेंट ने भारत पहुंचा दिया’:बांग्लादेश से आए घुसपैठिए, पुलिस में सिपाही; SIR के बाद भी वोटर लिस्ट में नाम दलाल के जरिए भारत आए। आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी तक बनवा ली। एक तो पश्चिम बंगाल पुलिस में सिपाही बन गया। ये कहानी उन बांग्लादेशियों की है, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में पश्चिम बंगाल से करीब 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आइडेंटिफाई किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…।

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