मिर्जापुर। विंध्याचल धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। हालांकि, इसके साथ ही फर्जी पंडों, भिक्षुकों और अनियंत्रित वाहनों की बढ़ती संख्या धाम की व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले भक्तों को लगातार अव्यवस्था, जाम और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। धाम में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पंडा समाज ने फर्जी पंडों और भिक्षाटन करने वालों के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि केवल परिचय पत्र धारक पंडा ही पूजा-व्यवस्था कर सकते हैं। बिना पहचान-पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को धाम परिसर में पुरोहिती की अनुमति नहीं दी जाएगी। भिक्षाटन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्हें कॉरिडोर में प्रवेश करने पर जेल भेजने की भी हिदायत दी गई है। इस बीच, मंगलवार को डायल 112 पर मां विंध्यवासिनी मंदिर को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी रात सतर्क रही। घटना के बाद धाम की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। मंगलवार को मंदिर के मुख्य द्वार के समीप बेतरतीब खड़े दोपहिया वाहनों का चालान भी किया गया। विंध्य कॉरिडोर की सीढ़ियों के पास तक धड़ल्ले से खड़े वाहन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष को मल्टी-स्टोरी पार्किंग बनाकर राजस्व बढ़ाने और भीड़ नियंत्रण के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद धाम परिसर में वाहन नियंत्रण की स्थिति अभी भी कमजोर है। स्थानीय नागरिक तरुण पाण्डेय और रामलाल साहनी ने विंध्य कॉरिडोर में केवल स्थानीय निवासियों के वाहनों को प्रवेश देने की मांग की है। उनका तर्क है कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को अक्सर जाम में फंसना पड़ता है, जिससे वे परेशान होते हैं और धाम की छवि भी प्रभावित होती है।
विंध्याचल कॉरिडोर बना वाहन स्टैंड, फर्जी पंडों पर अभियान:सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में व्यवस्था सुधारने के लिए परिचय पत्र अनिवार्य
📅 Published: November 26, 2025 |
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