विंध्याचल धाम में भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए श्रीविंध्य पंडा समाज की व्यवस्थापिका समिति ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत धाम में अवैध रूप से सक्रिय पुरोहितों और भिक्षाटन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान 25 नवंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा, जिसके लिए कार्यकारिणी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। इनका मुख्य कार्य धाम से गैर-अधिकृत व्यक्तियों को बाहर करना है। पंडा समाज के मंत्री भानू पाठक ने सभी तीर्थ पुरोहितों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। उन्होंने सदस्यों से मंदिर में पहचान पत्र (आई कार्ड) धारण करके आने को कहा है, ताकि गैर-अधिकृत व्यक्तियों की पहचान आसानी से हो सके और फर्जी तरीके से यात्रियों का शोषण करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण में सद्व्यवस्था और यात्रियों के सुखद दर्शन-पूजन के लिए सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। सुबह 5 बजे से 9 बजे तक शनिदत्त पाठक, शनि पाण्डेय और गौतम द्विवेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पंकज द्विवेदी, भानू पाठक, प्रशांत द्विवेदी, रघुवर दयाल, सुधाकर मिश्रा, प्रहलाद मिश्र और तेजन गिरी की ड्यूटी लगाई गई है। दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक अवनीश मिश्रा, गुंजन मिश्रा, प्रहलाद मिश्रा और तेजन गिरी को तैनात किया गया है। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक संगम त्रिपाठी, केदार भंडारी, अश्वनी उपाध्याय, रतन मोहन मिश्रा और हरि नारायण पाण्डेय को व्यवस्था बनाने का दायित्व दिया गया है। विंध्याचल धाम के त्रिकोण पथ पर स्थित काली खोह और अष्टभुजा मंदिर पर भी अवैध रूप से सक्रिय पंडों के खिलाफ कार्रवाई की मांग निलेश महाराज और बृजेश प्रताप सिंह ने की है।
विंध्याचल धाम में फर्जी पंडों, भिक्षाटन के खिलाफ अभियान:श्रीविंध्य पंडा समाज ने 25 नवंबर से 9 दिसंबर तक लगाई ड्यूटी, रखेंगे निगरानी
📅 Published: November 25, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
