मिर्जापुर में श्रीविंध्य पंडा समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विंध्याचल धाम में व्यवस्था सुधार के लिए पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। समाज ने फर्जी पंडा और भिक्षुकों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जिनका हवाला धाम में बढ़ती अव्यवस्थाओं के रूप में दिया गया। पंडा समाज ने बताया कि बाहर से आने वाले फर्जी पंडा और भिखारी लाल व पीले वस्त्र पहनकर खुद को पुरोहित बताते हैं। ये लोग श्रद्धालुओं से धन उगाही करते हैं, जिससे दर्शनार्थियों को असुविधा होती है। समाज ने इन पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में पंडा समाज की व्यवस्थापिका समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि धाम की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इन पांच सूत्रीय मांगों पर तुरंत अमल करना आवश्यक है। समाज ने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में जारी किए गए सभी पुरोहित परिचय पत्र 16 नवंबर से रद्द कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में मनमाने ढंग से टीका लगाने वालों और भिक्षाटन करने वालों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। मां विंध्यवासिनी मंदिर के प्रथम तल पर नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग भी ज्ञापन का हिस्सा है। पंडा समाज ने श्रीविंध्य पंडा समाज के चुनाव को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि चुनाव कराने के लिए कई बार पत्र दिए गए हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। समाज ने जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की मांग की है। इस प्रतिनिधिमंडल में मंत्री भानु पाठक, शनि पाठक और अन्य कई पदाधिकारी शामिल थे।
विंध्याचल में पंडा समाज ने DM को सौंपा ज्ञापन:फर्जी पंडा और टीका लगाकर पैसे लेने वालों पर रोक लगाने की मांग की
📅 Published: November 20, 2025 |
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