आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीज उत्पादन कार्यक्रम को गति देने और शोध गतिविधियों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कीट विज्ञान विभाग के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश चंद्र को एक अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नए प्रशासनिक आदेश के तहत, डॉ. उमेश चंद्र को उनके वर्तमान दायित्वों के अतिरिक्त संयुक्त निदेशक बीज विज्ञान एवं प्रक्षेत्र तथा प्रभारी अधिकारी, फसल अनुसंधान केंद्र मसौधा, अयोध्या का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इन पदों के साथ उन्हें वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। इन पदों का महत्व विश्वविद्यालय के लिए काफी अधिक है, क्योंकि बीज उत्पादन, प्रक्षेत्र प्रबंधन, शोध कार्यों की निगरानी और नई तकनीकों के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय इन्हीं अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि डॉ. उमेश चंद्र के अनुभव और कार्यकुशलता से इन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। डॉ. उमेश चंद्र कृषि अनुसंधान और शिक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्हें पूर्व में ‘यंग साइंटिस्ट’ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनके शोध कार्यों और तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। यह अतिरिक्त प्रभार अब तक विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुभाष चंद्र विमल के पास था। नए प्रशासनिक आदेश के बाद उन्हें इस दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. विमल का आभार व्यक्त करते हुए उनके कार्यकाल में निभाई गई कुशल सेवाओं की सराहना की है। यह आदेश विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव द्वारा जारी किया गया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह फेरबदल संस्थान के चल रहे कृषि एवं बीज उत्पादन कार्यक्रमों को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया गया है।
विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल:डॉ. उमेश चंद्र बने संयुक्त निदेशक बीज विज्ञान, यंग साइंटिस्ट' पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
📅 Published: November 29, 2025 |
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