बाराबंकी के रामनगर में आयोजित महादेवा महोत्सव के तहत गुरुवार देर रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी काव्य-धारा से ऐसा समां बांधा कि पंडाल देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधि हरगोविंद सिंह और पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सभी कवियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। काव्य-सफर की शुरुआत प्रियांशु गजेंद्र ने मां शारदे की वंदना से की। डॉ. विष्णु सक्सेना की प्रसिद्ध पंक्तियाँ “रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा…” सुनकर श्रोता रोमांचित हो उठे। तस्वीरों में देखिए कार्यक्रम… नैनीताल की कवयित्री गौरी मिश्र ने अपने गीतों से पंडाल में सरगम बिखेर दी। उनकी पंक्तियों “अगली पंक्ति मैं भी सीता जैसी परीक्षा दूंगी…” और “घुटन को छोड़ शहरों की हमारे गाँव आयी है…” को दर्शकों ने खूब सराहा। कवयित्री अनामिका अंबर जैन की पंक्ति “अगर तुम भी नहीं हमसे…” पर भी पंडाल देर तक तालियों से गूंजता रहा। प्रियांशु गजेंद्र की रचना “जैसे-तैसे उमर बिता ली…” ने भी खूब तालियां बटोरीं। कवि नीलोत्पल मृणाल की मशहूर रचना “हम मिट्टी के लोग हैं बाबू…” ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। इसके बाद कवि विकास बौखल ने अपने धारदार हास्य-व्यंग्य से माहौल को हल्का किया। कवि अखिलेश द्विवेदी ने “हम अपना दर्द बाटें या न बाटें…” के जरिए सकारात्मक संदेश दिया। गाजियाबाद के कवि मोहित सौर्य की ओजपूर्ण प्रस्तुति “ज़िंदगी जीने के जुनून तक जाएगा…” ने युवाओं में देशभक्ति की ऊर्जा भर दी। उन्होंने अपनी एक अन्य रचना “यह गाँव का रास्ता है, सुकून तक जाएगा…” से भी श्रोताओं को प्रभावित किया। वाराणसी के कवि दान बहादुर सिंह और लोकेश त्रिपाठी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां दीं। अंत में सभी रचनाकारों को अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत, अरविंद मौर्या, अवधेश श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख लकी सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष शेखर हरायण, अमित सिंह, सीओ गरिमा पंत, तहसीलदार विपुल सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विष्णु सक्सेना ने सुनाया..रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा:महादेवा महोत्सव में अनामिका जैन समेत देशभर से आए कवियों ने समां बांधा
📅 Published: November 21, 2025 |
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