वेंस की वजह से नहीं हो पाई भारत-अमेरिका ट्रेड डील:US सांसद की ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक, ट्रम्प को भी जिम्मेदार ठहराया

📅 Published: January 26, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की वजह से भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाई। यह दावा अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने किया है। क्रूज की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक हुई है। यह सीक्रेट रिकॉर्डिंग अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस को मिली हैं। रिकॉर्डिंग में क्रूज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी कभी-कभी डील में देरी के लिए जिम्मेदार बताया है। ये बातचीत 2025 के मध्य में दानदाताओं के साथ निजी बैठकों के दौरान की गई थी। रिकॉर्डिंग में क्रूज कहते हैं कि भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर व्हाइट हाउस के भीतर विरोध रहा। जब दानदाताओं ने पूछा कि डील में सबसे ज्यादा अड़चन कौन डाल रहा है, तो क्रूज ने व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कभी-कभी ट्रम्प का नाम लिया। ‘ट्रम्प को चेताया, चुनाव हार सकते हैं’ रिकॉर्डिंग में क्रूज ने कहा कि अप्रैल 2025 में लागू किए गए ट्रम्प के टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। क्रूज के मुताबिक, टैरिफ लागू होने के बाद उन्होंने और कुछ अन्य सीनेटरों ने ट्रम्प से देर रात तक चली फोन कॉल में फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा, लेकिन बातचीत ठीक नहीं रही। क्रूज ने दावा किया कि उन्होंने राष्ट्रपति को चेताया था कि अगर नवंबर 2026 तक किराना सामान की कीमतें 10 से 20% बढ़ गईं, तो रिपब्लिकन पार्टी को चुनावों में भारी नुकसान होगा। क्रूज ने ट्रम्प से कहा- “आप हाउस हारेंगे, सीनेट हारेंगे और अगले दो साल हर हफ्ते महाभियोग झेलेंगे।” इसके जवाब में ट्रम्प ने कथित तौर पर कहा, “दफा हो जाओ, टेड।” रिकॉर्डिंग से रिपब्लिकन नेताओं में मतभेद सामने आए रिकॉर्डिंग से रिपब्लिकन पार्टी के भीतर पारंपरिक फ्री ट्रेड समर्थकों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ धड़े के नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। क्रूज ने वेंस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कंजर्वेटिव कमेंटेटर टकर कार्लसन के प्रभाव में हैं। ये मतभेद सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि विदेश नीति और अहम नियुक्तियों तक फैले हुए हैं। हालांकि ऑडियो लीक के बावजूद, सार्वजनिक तौर पर क्रूज और व्हाइट हाउस दोनों ही पार्टी एकता पर जोर दे रहे हैं। क्रूज के प्रवक्ता ने कहा कि सीनेटर प्रशासन के मजबूत सहयोगी हैं और साझा लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं। दावा- मोदी ने फोन नहीं किया इसलिए डील रुकी इससे पहले अमेरिकी कॉमर्स मिनिस्टर हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने ट्रम्प को कॉल नहीं किया, इसकी वजह से भारत के साथ ट्रेड डील नहीं हुई। 8 जनवरी को एक पॉडकास्ट में लुटनिक ने ये बात कही थी। लुटनिक ने कहा था कि “भारत के साथ ट्रेड डील लगभग पूरी हो चुकी थी। भारत को बातचीत फाइनल करने के लिए ‘तीन शुक्रवार’ का समय दिया गया था। ट्रम्प खुद इसे क्लोज करना चाहते थे। इसके लिए बस मोदी को राष्ट्रपति को कॉल करना था। भारतीय पक्ष ऐसा करने में असहज था और मोदी ने कॉल नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि डेडलाइन निकल गई।” वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने लुटनिक के बयान को गलत बताया था। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रम्प 2025 में 8 बार फोन पर बात कर चुके हैं। जायसवाल ने कहा था कि “भारत और अमेरिका 13 फरवरी 2025 से बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट पर काम कर रहे हैं। कई राउंड नेगोशिएशन हो चुके हैं और कई बार हम डील के करीब पहुंचे हैं।” अमेरिका अब तक भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें से 25% को वह ‘रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैरिफ’ कहता है। जबकि 25% रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। भारत का कहना है कि यह पेनाल्टी गलत है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। दोनों देशों के बीच 2025 की शुरुआत में ही ट्रेड डील का प्रस्ताव रखा गया था, इस पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। भारत पर लगे 25% एक्स्ट्रा टैरिफ हटा सकता है US अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 22 जनवरी को कहा था की ट्रम्प सरकार भारत पर लगाए 25% एक्स्ट्रा टैरिफ को हटाने पर विचार कर सकता है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया वेबसाइट पॉलिटिको को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना काफी कम कर दिया है, इसलिए टैरिफ में राहत देने की गुंजाइश बन रही है। बेसेंट ने इसे अमेरिका की बड़ी जीत बताते कहा था कि भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ काफी असरदार रहा है। इसकी वजह से भारत की रूसी तेल खरीद घट गई है। उन्होंने कहा था कि “टैरिफ अभी भी लागू हैं, लेकिन अब इन्हें हटाने का रास्ता निकल सकता है।”

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *