अयोध्या में शारदा सहायक नहर में एक माह से पानी नहीं आने के कारण गेहूं की बुवाई गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। मवई, सोहावल, अमानीगंज और मिल्कीपुर क्षेत्रों के तीन लाख से अधिक किसान सिंचाई के लिए इस नहर पर निर्भर हैं, लेकिन पानी के अभाव में वे खेतों की पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। इससे रबी सीजन की तैयारी अधर में लटक गई है। किसानों के अनुसार, नहर में पानी न होने से गेहूं, मटर और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो पा रही है। गेहूं की बुवाई के लिए अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा से लेकर नवंबर मध्य तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, दिसंबर की शुरुआत तक भी अधिकांश किसानों के खेत खाली पड़े हैं, जिससे आगामी फसल की पैदावार पर संकट गहराने की आशंका है। नहर विभाग के अधिकारियों ने सूचित किया है कि शारदा सहायक नहर में 15 दिसंबर से पानी छोड़ा जाएगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि नहर से पानी खेतों तक पहुंचने में कम से कम 3-4 दिन का समय लगेगा। इससे बुवाई और अधिक पछेती हो जाएगी, जो फसल के लिए अनुकूल नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिसंबर माह में भी गेहूं की बुवाई संभव है, लेकिन इसके लिए उन्नत किस्म के बीज और खाद की मात्रा बढ़ानी होगी। तभी बेहतर पैदावार मिलने की संभावना रहती है। अन्यथा, देर से बोई गई फसल में उपज घटने का खतरा बना रहता है। पानी की कमी से परेशान किसानों ने शासन और सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते बुवाई पूरी होने पर ही रबी फसल को बचाया जा सकेगा। किसानों ओमप्रकाश, दिनेश कुमार ,माता प्रसाद, देवी प्रसाद, तुलसीराम, देवनाथ सुमित अन्य किसानों का कहना है कि सरकार भले ही किसानों की आय दोगुना करने में लगी हुई है लेकिन अगर खाद बीज मिल जा रहा है तो समय से पानी नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते खेती किसानी चौपट हो रही है।
शारदा सहायक नहर में पानी नहीं, गेहूं बुवाई ठप:अयोध्या के 3 लाख किसान प्रभावित, पैदावार पर असर की आशंका
📅 Published: December 2, 2025 |
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