वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शोध-निर्देशकों ने शोध सीटें सार्वजनिक न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 25 नवंबर तक शोध-निर्देशकों की सूची और सीटों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई, तो 26 नवंबर को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के आदेश पर शिक्षक वर्षों से शोध-निर्देशन का कार्य कर रहे हैं। डॉ. मिश्रा के अनुसार, वर्तमान सत्र के पीएचडी प्रवेश विज्ञापन में उनकी वैध रिक्तियां प्रदर्शित नहीं की गई हैं। साथ ही, उनकी अद्यतन सूची भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि डीआरसी की तारीख घोषित हो चुकी है और अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद कुलपति कार्यालय, कुलसचिव और शोध अनुभाग की ओर से केवल मौखिक आश्वासन दिए जा रहे हैं। शोध-निर्देशकों ने आरोप लगाया कि इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण सैकड़ों शोध छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो रहे हैं और शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों का भी हनन हो रहा है। उन्होंने दोहराया कि यदि 25 नवंबर तक सूची जारी नहीं होती है, तो 26 नवंबर को सुबह 11 बजे से विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा।
शोध सीटें सार्वजनिक न होने पर निर्देशकों में नाराजगी:पूर्वांचल विश्वविद्यालय को 26 नवंबर को प्रदर्शन की चेतावनी
📅 Published: November 22, 2025 |
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