गीडा क्षेत्र में एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग के बाद उद्यमी एक बार फिर चिंतित हैं। उनकी चिंता का कारण है सड़कों पर खड़े होने वाले कैप्सूल टैंकर। इनमें ज्वलनशील पदार्थ भरा होता है। उद्यमियों का कहना है कि फैक्ट्रियों के बाहर इन टैंकरों का खड़ा होना खतरे को दावत देने वाला है। इस समय कोहरे का मौसम आ रहा है। कोई गाड़ी यहां टकराई तो कुछ भी हो सकता है। उनकी ओर से उच्च अधिकारियों के समक्ष भी यह बात उठाई गई है।
गीडा क्षेत्र में ही इंडियन ऑयल और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम का बाटलिंग प्लांट है। यहां एलपीजी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से भरी गाड़ियां आती-जाती रहती हैं। गाड़ियों की अधिकता के कारण उन्हें सड़क पर ही खड़ा कर दिया जाता है। जिससे जाम की समस्या तो होती ही है, हर वक्त खतरा भी बना रहता है। गीडा में हैं 600 फैक्ट्रियां गीडा में छोटी-बड़ी 600 से अधिक फैक्ट्रियां हैं। कई फैक्ट्रियों में चिमनी भी लगी है। धुंए के साथ-साथ कभी-कभी चिंगारी भी निकलती है। ऐसे में फैक्ट्रियों के बीच में इस तरह के प्लांट का होना खतरनाक है। टैंकर चालक अक्सर फैक्ट्रियों की बाउंड्री के आसपास ही अपने टैंकर खडे़ कर देते हैं। कभी-कभी सड़क के दोनों ओर यही स्थिति देखी जाती है। इन बातों को उद्योग बंधु की बैठकों में भी उठाया जा चुका है। अधिकारी हस्तक्षेप करते हैं तो कुछ समय के लिए सख्ती बरती जाती है लेकिन फिर पुरानी स्थिति आ जाती है। जानिए क्या कहते हैं उद्यमी चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह बताते हैं कि सड़क के दोनों ओर ज्वलनशील पदार्थों से भरे टैंकर खड़े होते हैं, यह काफी खतरनाक है। इनसे आवागमन में तो असुविधा होती ही है, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे प्लांट ओर टैंकर को गीडा क्षेत्र से बाहर कहीं खुले में होना चाहिए।
लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि इन टैंकरों से आने-जाने में खतरा महसूस होता है। यदि कोई गाड़ी इनमें टकराई तो कुछ भी हो सकता है। फैक्ट्रियों के पास इनका खड़ा होना भी खतरनाक है।
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष प्रवीण मोदी कहते हैं कि सड़कों पर टैंकर खड़े होते हैं। कोहरे के मौसम में काफी दिक्कत होती है। यदि कोई गाड़ी इनमें टकरा गई तो खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
सड़कों पर खड़े टैंकर बन सकते हैं खतरा:फैक्ट्रियों के आसपास खड़े होते हैं; भरा होता है ज्वलनशील पदार्थ
📅 Published: November 23, 2025 |
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