जौनपुर में समाजवादी पार्टी ने महान समाजवादी चिंतक लोकबंधु राजनारायण की जयंती मनाई। यह कार्यक्रम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिला उपाध्यक्ष श्याम बहादुर पाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। आयोजन जिला कार्यालय, सदर चुंगी, अल्फस्टीनगंज में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत लोकबंधु राजनारायण के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उनके संघर्षों और बलिदानों को याद किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष श्याम बहादुर पाल ने लोकबंधु राजनारायण के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजनारायण का जन्म 23 नवंबर 1917 को वाराणसी के मोतीकोट गाँव में एक संपन्न भूमिहार परिवार में हुआ था। वे अनंत प्रसाद सिंह के पुत्र थे और बनारस रियासत के राजपरिवार, नारायण राजवंश से संबंधित थे। उनका परिवार महाराजा चेत सिंह और महाराजा बलवंत सिंह से जुड़ा था, जो एक सदी पहले बनारस रियासत के शासक थे। पाल ने बताया कि संपन्न और शासक वर्ग से होने के बावजूद राजनारायण का स्वभाव विद्रोही था। उन्होंने छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और अपने जीवन में 700 से अधिक आंदोलनों में भाग लिया। उन्हें 80 बार जेल जाना पड़ा और अंग्रेजी हुकूमत ने उन पर 5000 रुपए का इनाम भी रखा था। श्याम बहादुर पाल ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के कथन का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कहा था कि राजनारायण के रहते देश और लोकतंत्र कभी कमजोर नहीं होगा। पाल ने बताया कि राजनारायण की पहचान उनके समाजवादी विचारों और सादगीपूर्ण जीवनशैली से थी। उनके पास न कोई बैंक बैलेंस था, न कोई संपत्ति, केवल चार जोड़ी कपड़े ही उनकी पूंजी थी। पाल ने ऐसे महामानव को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। गोष्ठी को राहुल त्रिपाठी, संतोष मौर्य मुन्ना, धर्मेंद्र सोनकर, ताज मोहम्मद और प्रदीप अग्रहरि सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने लोकबंधु राजनारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।
सपा ने लोकबंधु राजनारायण की जयंती मनाई:जौनपुर में उनके संघर्षों और बलिदानों को किया याद, उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
📅 Published: November 23, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
