समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक रागिनी सोनकर ने प्रदेश भर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ “अमानवीय व्यवहार” का आरोप लगाया है। उन्होंने हाल ही में जान गंवाने वाले बीएलओ विपिन यादव की मौत की चुनाव आयोग से जांच और एक शिकायत निवारण समिति गठित करने की मांग की है। विधायक सोनकर ने आरोप लगाया कि बीएलओ से मशीन की तरह काम कराया जा रहा है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के कुछ लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और बीएलओ के प्रति उनका रवैया पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने दो दिन पहले हुई बीएलओ विपिन यादव की मौत का जिक्र किया। विधायक रागिनी सोनकर ने दावा किया कि विपिन यादव कुछ विशेष जातियों और धर्मों के वोट कटवाने के दबाव को सहन नहीं कर पाए, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली। विपिन यादव का मरने से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बताई थी। रागिनी सोनकर ने गोंडा के जिलाधिकारी (डीएम) के उस बयान को “निंदनीय” बताया, जिसमें उन्होंने विपिन यादव की आत्महत्या का कारण पारिवारिक मतभेद और पत्नी से विवाद बताया था। विधायक ने कहा कि जब वह विपिन यादव की पत्नी से मिलीं, तो उन्होंने बताया कि विपिन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था और कुछ जातियों व धर्मों के वोट काटने की बात कही जा रही थी, जिससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया। विधायक ने चुनाव आयोग से एक टीम गठित करने और ऐसी कमेटी बनाने की मांग की है, जहाँ प्रताड़ित बीएलओ अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया। रागिनी सोनकर ने यह भी घोषणा की कि वह आने वाले विधानसभा सत्र के दौरान विपिन यादव के मुद्दे को उठाएंगी। उन्होंने यह भी मांग की कि विपिन यादव के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, क्योंकि उनकी मौत सरकार की कमी के कारण हुई है। विधायक ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सरकार द्वारा लेने की भी मांग की।
सपा विधायक ने बीएलओ विपिन यादव की मौत पर सवाल:चुनाव आयोग से जांच, कमेटी गठन की मांग; विधानसभा में उठेगा मुद्दा
📅 Published: November 29, 2025 |
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