सरैया आरओबी निर्माण में आएगी तेजी, गार्डर पहुंचने लगे:जनवरी में मेगा ब्लॉक मिलने पर रेलवे ट्रैक पर लगेंगे 30 स्टील गार्डर

📅 Published: December 2, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

उन्नाव के सरैयां रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में अब तेजी आने की उम्मीद है। लंबे समय से धीमी गति से चल रहे इस प्रोजेक्ट के कारण हजारों वाहन चालकों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। यह आरओबी राज्य सेतु निगम और रेलवे के संयुक्त तत्वावधान में बन रहा है। सेतु निगम अपने हिस्से का काम तेजी से कर रहा था, लेकिन रेलवे सेक्शन में काम रुका हुआ था। अब रेलवे की कार्यदायी एजेंसी गिरिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण को आगे बढ़ाने की तैयारियां तेज कर दी हैं। एजेंसी ने बताया कि आरओबी के ऊपरी हिस्से में लगने वाले विशेष लोहे के बड़े गार्डर दिल्ली से मंगवाए गए हैं। ये गार्डर सरैयां रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचने भी लगे हैं। निर्माण योजना के अनुसार, रेलवे ट्रैक के ऊपर कुल 30 स्टील गार्डर लगाए जाने हैं, जिनके लिए उच्च तकनीकी सावधानी की आवश्यकता होगी। सुपरवाइजर बलराम यादव ने जानकारी दी कि रेलवे खंड पर काम शुरू करने के लिए मेगा ब्लॉक अनिवार्य होता है। इस दौरान रेल यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से रोका जाता है। उन्होंने बताया कि जनवरी महीने में रेलवे द्वारा मेगा ब्लॉक मिलने की पूरी संभावना है। ब्लॉक स्वीकृत होते ही रेलवे ट्रैक पर गार्डर लगाने का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी का मानना है कि समय से पहले लोहे के गार्डरों को साइट पर पहुंचाने से काम में अनावश्यक देरी नहीं होगी और ब्लॉक मिलते ही निर्माण तेजी से आगे बढ़ सकेगा। यह आरओबी स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरैयां रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों फाटक बंद रहने से लंबा जाम लगता था, जिससे शुक्ला-गंज और उन्नाव नगर क्षेत्र के बीच आवाजाही बाधित होता था। आरओबी बनने से जाम की समस्या खत्म होगी और सुरक्षित व निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उम्मीद जताई है कि जनवरी में रेलवे के कार्य शुरू होते ही आरओबी का निर्माण तेजी पकड़ लेगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले महीनों में इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने का रास्ता साफ हो सकता है। स्थानीय लोगों को अब इस परियोजना में वास्तविक प्रगति दिखने की प्रतीक्षा है।

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