सहारनपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत ने उत्तर प्रदेश गुंडा एक्ट की धारा 3 के तहत 16 अभियुक्तों को दोषी मानते हुए उन्हें छह महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद ये सभी आरोपी अगले छह माह तक सहारनपुर जनपद की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों की गतिविधियाँ लगातार शांति व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई थीं। पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट, अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह निर्णय लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई दंड देने के बजाय निवारक उपाय के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य जिले में अपराध पर अंकुश लगाना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। जिला बदर किए गए अभियुक्त सहारनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इनमें कोतवाली नगर, मंडी, कुतुबशेर, देवबंद, नकुड़, नानौता और सरसावा क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल इन आरोपियों की गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि अन्य असामाजिक तत्वों को भी यह सख्त संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि इनमें से कोई भी व्यक्ति जिला बदर आदेश का उल्लंघन करते हुए सहारनपुर की सीमा में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ और भी कड़ी कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिला बदर अभियुक्तों की निगरानी रखी जाए और आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन आने वाले समय में भी ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा करेगा। जिन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनेगा, उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम सहारनपुर में अपराध और अराजकता के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति का स्पष्ट संकेत है।
सहारनपुर में गुंडा एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई:16 अपराधी छह माह के लिए जिला बदर घोषित
📅 Published: February 8, 2026 |
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