सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग में गंभीर लापरवाही उजागर:डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी, बोले-काम में लापरवाही न दिखाएं

📅 Published: November 28, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

सिद्धार्थनगर में शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. राजेश मिश्रा, डीसीपीएम समेत सभी सीएचसी/पीएचसी के एमओआईसी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डीएम ने पाया कि जिले में स्वास्थ्य डेटा फीडिंग का स्तर बेहद कम है और डीएचएस की कार्यवाही समय पर पोर्टल पर अपडेट नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि कई गर्भवती महिलाओं का प्रसव अब भी घरों पर हो रहा है, जबकि सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था अस्पतालों में सुनिश्चित है। डीएम ने साफ कहा कि घर पर प्रसव की स्थिति में संबंधित एमओआईसी जिम्मेदार माने जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नवजात शिशु देखभाल इकाई (NBSU) 24 घंटे सक्रिय रहे और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सहायता तुरंत मिले। सभी एमओआईसी को वार रूम का दैनिक निरीक्षण करने और बीएचएनडी दिवस पर कम जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। समीक्षा में यह भी सामने आया कि एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कई कर्मचारियों द्वारा कर्तव्यों के प्रति लापरवाही भी उजागर हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि काम में ढिलाई बरतने वाले डॉक्टर, सीएचओ, आशा और एएनएम को नोटिस जारी किए जाएं। टीकाकरण अभियान में लक्ष्य प्राप्ति में कमी, अपूर्ण डेटा फीडिंग और मोबाइल नंबर गलत दर्ज किए जाने जैसी खामियां सामने आईं। अनटाइड फंड, परिवार नियोजन, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति, हेल्थ वेलनेस सेंटर और ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवाओं में भी पर्याप्त सक्रियता नहीं मिली। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में भी लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा। लक्षणयुक्त मरीजों की पहचान और पब्लिक नोटिफिकेशन अपडेट में लापरवाही पाई गई। इसके अलावा, आपातकालीन सेवाओं में रेफरल रजिस्टर नहीं बनाए गए और वार रूम का निरीक्षण भी नियमित नहीं हुआ। मातृ-शिशु मृत्यु दर और सम्भव अभियान के तहत बच्चों की पहचान में भी कमियां पाई गईं। जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी न हो और सभी कार्य पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने विभाग को चेताया कि सुधार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *