हरदोई में धान खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सामाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसमें स्वदेशी जागरण मंच अवध प्रांत उत्तर प्रदेश, भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ सहित कई संगठन शामिल थे। सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और भ्रष्टाचार में लिप्त आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया कि धान खरीद वर्ष 2025 में खाद्य विभाग के कर्मचारियों, जिनमें मनोज शर्मा, धर्मेंद्र चौधरी और विनय शामिल हैं, ने दलालों और मिलर्स के साथ मिलकर किसानों का धान नहीं खरीदा। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के खरीद केंद्रों पर किसानों को 10-12 दिनों तक लाइन में खड़ा रखा गया, फिर वापस भेज दिया गया या उनसे प्रति क्विंटल 200 रुपये तक की अवैध वसूली की गई। संगठनों ने दावा किया कि फर्जी किसानों के नाम पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का गबन किया जा रहा है, जिससे ईमानदार अधिकारियों की छवि भी प्रभावित हो रही है। संगठनों ने बताया कि वे 18 नवंबर और 27 नवंबर को भी शिकायतें दर्ज करा चुके थे, लेकिन कोई समाधान न होने के कारण उन्हें धरना-प्रदर्शन करना पड़ा। हाल ही में प्रमुख सचिव खाद्य के हरदोई निरीक्षण के दौरान भी कई अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद तीन केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की गई थी। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें 10 वर्ष से अधिक समय से हरदोई में तैनात खाद्य विभाग के कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण, आरोपी कर्मचारियों का निलंबन और बाहरी जिले के अधिकारी से जांच कराना शामिल है। दोषी पाए जाने पर राजद्रोह सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, संगठनों ने धान खरीद केंद्रों पर वास्तविक तौल सुनिश्चित करने और खाद की कालाबाजारी में लिप्त विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिसंबर तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो सैकड़ों कार्यकर्ता आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
हरदोई में धान खरीद अनियमितताओं पर धरना:सामाजिक संगठनों के साथ सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पर जुटे
📅 Published: December 3, 2025 |
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