हरियाणा के हड़ताली तहसीलदारों की चंडीगढ़ में मीटिंग:बातचीत सिरे नहीं चढ़ने पर बढ़ेगी हड़ताल, 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री अटकी

📅 Published: February 10, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

हरियाणा के हड़ताली तहसीलदारों की आज दोपहर में चंडीगढ़ मीटिंग होगी। जहां पर उनकी मुलाकात भू अभिलेख निदेशक से होगी। जिनसे वार्ता सिरे नहीं चढ़ने की स्थिति में हड़ताल लंबी खींच सकती है। अगर उनके साथ चार मांगों पर सहमति बनती है तो हड़ताल वापस हो सकती है। प्रदेश सरकार ने हड़ताल से निपटने के लिए सोमवार को DRO-SDM को रजिस्ट्री की पावर सौंपी थी, लेकिन इसका खास फायदा हरियाणा में होता नहीं दिखाई दिया। प्रदेश भर में सोमवार को केवल 28 रजिस्ट्री हुई हैं, हरियाणा में सोमवार को 682 लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन लिया, लेकिन रजिस्ट्री मात्र 28 हुई हैं, 515 रजिस्ट्री पेंडिंग हो गई है। रेवाड़ी में सर्वाधिक 16 रजिस्ट्री हुई हैं। इसके अलावा रोहतक में 8, महेंद्रगढ़ में 2, रेवाड़ी व जींद में 1-1 रजिस्ट्री हुई हैं। प्रदेश में 4.34 करोड़ रुपए की जमीन की खरीद-फरोख्त हुई। जिसके लिए सरकार को 25 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। शुक्रवार को प्रदेश भर में केवल पंचकूला में एक रजिस्ट्री हुई थी। जिससे प्रदेश सरकार को केवल 14 लाख रुपए का राजस्व मिला। बता दें कि नायब तहसीलदार और तहसीलदारों पर सस्पेंशन कार्रवाई के बाद से तहसीलदार हड़ताल पर हैं। 3 पॉइंट में जानिए हड़ताल की वजह… तीन अधिकारियों पर कार्रवाई से भय का माहौल: हरियाणा के गुरुग्राम के वजीराबाद में नायब तहसीलदार, नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार संजीव अत्री व पंचकूला के रायपुर रानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को सस्पेंड किए जाने के बाद तहसीलदार व नायब तहसीलदार नाराज हैं। रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के अनुसार, उन पर कार्रवाई करके भय का माहौल बनाया जा रहा है। ऐसे हालात में उनके लिए काम कर पाना मुश्किल हो रहा है। जमीन मामले में विक्रम सिंगल पर कार्रवाई: जिस जमीन की रजिस्ट्री के लिए तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया गया है, वो पर्ल ग्रुप से जुड़ी है। ये 17 एकड़ जमीन भी रायपुर रानी में ही स्थित है। ACB के मुताबिक, 2017 में CBI जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे लगाया था। इसके बाद भी तहसीलदार विक्रम ने जमीन की रजिस्ट्री हांसी के बड़ाला गांव के रहने वाले नवीन के नाम पर कर दी। विक्रम सिंगला को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद विभाग ने 3 फरवरी को सस्पेंड भी कर दिया। जमीन पंजीकरण में नायब तहसीलदार सस्पेंड : हरियाणा सरकार ने मंगलवार को यहां एम.जी. रोड पर कथित तौर पर अवैध संपत्ति के पंजीकरण मामले में वजीराबाद के नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया। शाम के समय वित्त आयुक्त एवं सचिव (राजस्व) सुमिता मिश्रा ने निलंबन आदेश जारी किए। जांच में पाया गया कि ये पंजीकरण ‘नगर एवं ग्रामीण नियोजन’ (टीसीपी) विभाग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए किए गए थे। तहसीलदारों की डिमांड…….. धारा 17A के उल्लंघन का आरोप : एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत लोक सेवकों को प्राप्त वैधानिक संरक्षणों को नजरअंदाज कर जांच और कार्रवाई शुरू की गई, जबकि कानून के अनुसार कर्तव्य निर्वहन से जुड़े मामलों में जांच से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक है। स्टाम्प अंडर-वैल्यूएशन मामलों पर आपत्ति: ज्ञापन में कहा गया कि स्टाम्प शुल्क के कथित कम मूल्यांकन से जुड़े मामलों को भारतीय स्टाम्प अधिनियम की धारा 47A के तहत निपटाने के बजाय उन्हें आपराधिक रंग दिया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे मामलों के लिए कानून में पहले से स्पष्ट प्रक्रिया तय है। सरकार से हस्तक्षेप की अपील: एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो पंजीकरण कार्य से जुड़ा पेन-डाउन आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि कानून के शासन और ईमानदार अधिकारियों के वैधानिक संरक्षण की रक्षा करना है।

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