हरियाणा DGP की कुर्सी पर नहीं लौटेंगे शत्रुजीत:UPSC को भेजे पैनल में नाम, विज के एनर्जी डिपार्टमेंट में एडजस्टमेंट की तैयारी

📅 Published: December 6, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर सरकार के द्वारा तैयार 5 आईपीएस अफसरों के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भेज दिया है। इसके बाद UPSC पैनल में से 3 अफसरों के नामों की छंटनी कर हरियाणा सरकार को वापस भेजेगी। सरकार फाइनल हुए 3 नामों में से अपने पसंदीदा अफसर को पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपेगी। फिलहाल, DGP की दौड़ में 3 सीनियर अफसरों के नाम चर्चा में है। इनमें अजय सिंघल, आलोक मित्तल व एएस चावला के नाम हैं। वैसे असली रेस मित्तल व सिंघल के बीच मानी जा रही है। दोनों में से ही किसी की लॉटरी निकलने की बात कही जा रही है। पैनल में छुट्‌टी पर चल रहे IPS शत्रुजीत कपूर का नाम तो है, लेकिन कुर्सी पर लौटने की संभावना नहीं है। उन्हें बिजली निगम में जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह विभाग अनिल विज के पास है। कपूर इससे पहले बिजली निगम में चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। नए DGP को लेकर हरियाणा सरकार जल्दी में है। 31 दिसंबर को DGP का एडिशनल चार्ज देख रहे ओपी सिंह की रिटायरमेंट है। यही वजह है कि 25 दिसंबर तक UPSC मीटिंग कर राज्य सरकार को तीन नाम शॉर्टलिस्ट कर भेज दे। इस मीटिंग में हरियाणा की तरफ से दो सीनियर अफसर भी शामिल होंगे। जिनके नाम चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की ओर नामित किए जाएंगे। इनमें एक गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा और अन्य सीनियर अफसर का नाम शामिल होगा। जो आईपीएस अफसर डीजीपी की रेस में आगे, उनके बारे में पढ़िए… 1993 बैच के आईपीएस अफसर आलोक मित्तल ​
अपने पूरे करियर में वह हरियाणा और राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। एसपी पंचकूला के बाद ही मित्तल को दिल्ली बुला लिया गया। वहीं उन्हें एसपी सीबीआई आर्थिक अपराध शाखा और साइबर अपराध प्रकोष्ठ, केंद्रीय जांच ब्यूरो, नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद मित्तल पानीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव, रोहतक जिलों की भी जिम्मेदारी दी गई। मित्तल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिरीक्षक भी रह चुके हैं। यही वजह है कि मित्तल की ग्राउंड और पुलिसिंग की अच्छी समझ है। 1992 बैच के आईपीएस अफसर अजय सिंघल
अंबाला पंचकूला पुलिसकमिश्नरी के दौरान वहां के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं। इसके अलावा कई जिलों में एसपी की जिम्मेदारी भी देख चुके हैं। सिंघल हरियाणा सरकार के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) का नजदीकी माना जाता है। यही वजह रही लंबे समय बाद हाल ही में उन्हें सूबे में विजिलेंस चीफ की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वह लंबे समय तक महानिदेशक (मानवाधिकार एवं मुकदमेबाजी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी एएस चावला
1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। हिसार सहित कई जिलों में ग्राउंड पर अच्छा काम कर चुके हैं। इसके अलावा चावला अभी हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक पद की अभी जिम्मेदारी देख रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि चावला ईमानदार छवि के साथ नायब सैनी और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज के काफी करीबी हैं। इनकी यूएसपी पुलिसिंग की अच्छे जानकार हैं। यहां पढ़ते हैं शत्रुजीत कपूर क्यों पिछड़ रहे हैं… कपूर के नाम पर विवाद
1990 बैच के आईपीएस शत्रुजीत कपूर दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में प्रमुख आरोपी हैं। यही वजह है कि उनके नाम को लेकर विवाद हो रहा है। जब पैनल में कपूर का नाम आया था तब वाई पूरन न्याय मोर्चा कमेटी ने इसको लेकर आपत्ति जताई। कमेटी के सदस्य गुरमेल ढाबी ने हरियाणा के नए DGP के लिए IPS वाई पूरन कुमार की संस्थानिक हत्या मामले में आरोपी IPS शत्रुजीत कपूर का नाम UPSC को भेजे जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर सरकार UPSC के माध्यम से शत्रुजीत को दोबारा DGP बनवाती है तो सरकार को अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहना होगा। ग्राउंड पर एक्टिव कम रहे
डीजीपी शत्रुजीत कपूर अपने कार्यकाल के दौरान ग्राउंड पर कम एक्टिव रहे। जबकि उनके मुकाबले वर्तमान में डीजीपी का कार्यभार देख रहे ओपी सिंह ग्राउंड पर काफी एक्टिव हैं। वह लगातार जिलों का दौरा करने के साथ ही मीडिया से भी रूबरू हो रहे हैं। कम समय में ही उन्होंने ऐसे कुछ बड़े ऑपरेशन चलाए हैं, जिनकी सरकार से लेकर जनता के बीच खूब वाहवाही हो रही है। सरकार भी अब ऐसे अफसर को डीजीपी बनाने की पक्षधर है, जो ग्राउंड पर काफी एक्टिव हो। विज के एनर्जी डिपार्टमेंट में कपूर हो सकते हैं फिट
डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हरियाणा सरकार ऊर्जा विभाग में एडजस्ट करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी अनिल विज के पास है। केंद्र में प्रदेश के पूर्व सीएम मनोहर लाल के पास ये विभाग है। ऐसे में चर्चा है कि कपूर को एनर्जी डिपार्टमेंट में एसीएस के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि उनकी केंद्र में भी जाने की चर्चाएं थी, लेकिन अभी वहां कोई महत्वपूर्ण पद खाली नहीं है। ऐसे में वह अपनी सर्विस का बचा हुआ कार्यकाल एनर्जी डिपार्टमेंट में ही बिताएंगे। उनकी अक्टूबर 2026 में रिटायरमेंट है। इसकी एक वजह यह भी है कि बिजली महकमे में जब मनोहर लाल खट्‌टर सरकार के दूसरे कार्यकाल में कपूर चेयरमैन और प्रधान सचिव की जिम्मेदारी देख चुके हैं। उस दौरान उन्होंने बिजली चोरी और लाइन लॉस को लेकर अच्छा काम किया था। डीजीपी कपूर की 13 को खत्म हो रही छुट्‌टीडीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड में आने के बाद 14 अक्टूबर को दो महीने की छुट्‌टी पर भेज दिया गया था। अब उनकी 13 दिसंबर को छुट्टियां खत्म हो रही हैं, इसके बाद वह जॉइन कर सकते हैं। हालांकि अभी तक वह कहां जॉइन करेंगे इसको लेकर सरकार की ओर से कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।

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