हाटा में मां की हत्या के दोषी बेटे को सजा:कोर्ट ने 5 साल का कारावास, 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र स्थित सिकटिया गडेरी पट्टी गांव में मां की हत्या के मामले में अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया है। वर्ष 2023 में हुई इस घटना में आरोपी सौतेले बेटे को पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है। यह कार्रवाई कुशीनगर पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है। यह घटना वर्ष 2023 में हुई थी, जब गांव निवासी 40 वर्षीय मंजू देवी की उनके सौतेले बेटे दीपलाल भारती ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार, मंजू देवी ने दीपलाल को मोबाइल के लिए सिम कार्ड खरीदने के लिए 300 रुपये दिए थे। शाम को दीपलाल उन्हीं पैसों से शराब पीकर घर लौटा। मां द्वारा इस पर आपत्ति जताने पर आरोपी ने उनसे झगड़ा किया। इसके बाद उसने मंजू देवी के बाल पकड़े और उन्हें घर के बाहर खींच लिया। फिर सब्जी काटने वाले चाकू से उन पर कई बार हमला किया। गंभीर रूप से घायल मंजू देवी को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका की बेटी आसमनी ने पुलिस को बताया कि वारदात के समय वह छत पर थी। मां की चीख सुनकर वह नीचे आई तो देखा कि मंजू देवी घायल अवस्था में जमीन पर पड़ी थीं और दीपलाल हाथ में चाकू लिए खड़ा था। आसमनी के अनुसार, आरोपी दीपलाल आए दिन शराब पीकर घर में विवाद करता था और अपनी मां व बहनों से मारपीट भी करता था। परिवार का भरण-पोषण पिता श्रीकांत मजदूरी करके करते थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी दीपलाल को गिरफ्तार कर लिया। थाना कोतवाली हाटा में उसके खिलाफ मु.अ.सं. 607/2023, धारा 304(2) भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दो वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान कुशीनगर पुलिस और मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार पैरवी की गई। उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और केस डायरी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
इस मामले में विवेचक निरीक्षक निर्भय सिंह, अभियोजन पक्ष के एडीजीसी कृष्ण कुमार पांडेय (अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट नं. 2), प्रभारी निरीक्षक रामसहाय चौहान और पैरोकार दुर्गेश यादव की भूमिका को सराहा गया है। ग्राम प्रधान ने बताया कि दीपलाल शराब पीने का आदी था और आए दिन घर तथा मोहल्ले में विवाद करता था। वारदात वाली शाम भी पैसे को लेकर घर में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने मां पर हमला किया था।अदालत के इस फैसले से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। मृतका की तीनों बेटियों ने कहा कि फैसले से उन्हें न्याय मिला है, हालांकि मां की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।

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