बरेली पुलिस ने 30-35 साल से फरार चल रहे हत्या (धारा 302) और चोरी (धारा 379) के एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पहचान, धर्म और शहर बदलकर मुरादाबाद में ‘अब्दुल रहीम उर्फ़ सक्सेना ड्राइवर’ के नाम से जीवन बिता रहा था। यह गिरफ्तारी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को बरेली पुलिस को निर्देश दिया था कि आरोपी को चार सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर सीजेएम बरेली के समक्ष पेश किया जाए। इस आदेश के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लिया। एसएसपी ने सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने आरोपी तक पहुंचने के लिए तीन दशक पुराने सुरागों को खंगालना शुरू किया। टीम ने सबसे पहले आरोपी के पैतृक कस्बा शाही में खोजबीन की, जहां स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदीप कुमार सक्सेना 30-35 साल पहले ही गायब हो गया था। जांच के दौरान, आरोपी के भाई सुरेश और उसकी पत्नी ने खुलासा किया कि प्रदीप ने मुस्लिम धर्म अपना लिया था और अपना नया नाम ‘अब्दुल रहीम’ रख लिया था। उन्होंने बताया कि वह मुरादाबाद के मोहल्ला करूला में ड्राइवर बनकर नई पहचान के साथ रह रहा था। पुलिस टीम जब मुरादाबाद के ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि वहां ‘अब्दुल रहीम उर्फ़ सक्सेना’ नाम का एक ड्राइवर है, जो लगभग 30 साल से वहीं गाड़ी चला रहा है। टीम को पता चला कि वह किसी काम से बरेली के लिए निकला हुआ है। बरेली में तलाश के दौरान, मुखबिर की सूचना पर पुलिस को डेलापीर मंडी में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उसने पहले अपना नाम अब्दुल रहीम बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि वह ही प्रदीप कुमार सक्सेना है। प्रदीप 1989 में पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार था और कोर्ट की कार्यवाही से बचने के लिए उसने 2002 में धर्म परिवर्तन कर नई पहचान बना ली थी। पुलिस ने उसे सुबह करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली विशेष टीम में प्रेमनगर इंस्पेक्टर प्रयागराज सिंह, दरोगा मोहम्मद सरताज और कांस्टेबल अनुराग शामिल थे।
30 साल बाद हत्या का वारंटी गिरफ्तार:पहचान, धर्म और शहर बदलकर भी नहीं बच सका; हाईकोर्ट की सख्ती से खुला राज
📅 Published: November 27, 2025 |
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